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लखनऊ आईईटी के प्रोफेसर सहित सात लोगों पर आजमगढ़ में केस दर्ज, ये है आरोप
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 28 Nov 2017 09:35 PM IST
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आरोपित प्रोफेसर के आजमगढ़ में कई कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ स्थित आईईटी (इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) के एक प्रोफेसर सहित उनके परिवार के सात लोगों पर आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली में केस दर्ज हुआ है। रौनापार थाना क्षेत्र के बघावर गांव निवासी अधिवक्ता बलवंत सिंह ने 26 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर यह केस दर्ज कराया है। आईईटी के प्रोफेसर अमरीक सिंह, उनकी पत्नी रीता सिंह के अलावा परिवार के रामबहादुर, हरिनरायन, जगवंत और हृदयनरायन सिंह को आरोपित किया है।
बलवंत का आरोप है कि आरोपीगण फर्जी तरीके से उसकी 27 कड़ी जमीन का बैनामा करा लिया। बलवंत सिंह ने बताया कि आरोपित प्रोफेसर अपने पद का लाभ लेते हुए फर्जी तरीके से कई एमबीए, बीटीसू, बीएड, आईटीआई और महाविद्यालय खोले हुए हैं। बलवंत सिंह का आरोप है कि उसके गांव के रहने वाले अमरीक सिंह इससे पहले एनसीटीई, क्यूसीआई और एआईसीटीई मान्यता कमेटी के सदस्य रह चुके हैं।
कमेटी के सदस्य रहने के दौरान पद का लाभ उठाते हुए उन्होंने कई कॉलेजों को मान्यता दिलाई है। अपने गांव में एमबीए, बीटीसी, आईटीआई, जहानागंज में बीएड, बीटीसी, आईटीआई और रायबरेली में भी इसी प्रकार के संस्थान खुलकर चलवा रहे हैं। इन संस्थानों में इनकी पत्नी रीता सिंह और बेटा प्रबंधक हैं। बलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि पांच मई 2017 को उसकी 27 कड़ी जमीन का उन्होंने फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया।
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इसकी जानकारी होने पर बलवंत सिंह ने जीयनपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की मदद लेकर 26 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
उधर, प्रोफेसर अमरीक सिंह ने बताया कि वादी मुकदमा बलवंत सिंह से उनकी पुरानी रंजिश चलती है। उनकी बहन की शादी होने पर अपनी जमीन का बैनामा किया था। लेकिन खारिज दाखिल होते समय उसमें आपत्ति लगा दी। अमरीक सिंह ने बलवंत द्वारा लगाए गए सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि हमारा कालेज बहुत पुराना और मेहनत की कमाई से तैयार हुआ है।
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बलवंत का आरोप है कि आरोपीगण फर्जी तरीके से उसकी 27 कड़ी जमीन का बैनामा करा लिया। बलवंत सिंह ने बताया कि आरोपित प्रोफेसर अपने पद का लाभ लेते हुए फर्जी तरीके से कई एमबीए, बीटीसू, बीएड, आईटीआई और महाविद्यालय खोले हुए हैं। बलवंत सिंह का आरोप है कि उसके गांव के रहने वाले अमरीक सिंह इससे पहले एनसीटीई, क्यूसीआई और एआईसीटीई मान्यता कमेटी के सदस्य रह चुके हैं।
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कमेटी के सदस्य रहने के दौरान पद का लाभ उठाते हुए उन्होंने कई कॉलेजों को मान्यता दिलाई है। अपने गांव में एमबीए, बीटीसी, आईटीआई, जहानागंज में बीएड, बीटीसी, आईटीआई और रायबरेली में भी इसी प्रकार के संस्थान खुलकर चलवा रहे हैं। इन संस्थानों में इनकी पत्नी रीता सिंह और बेटा प्रबंधक हैं। बलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि पांच मई 2017 को उसकी 27 कड़ी जमीन का उन्होंने फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया।
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इसकी जानकारी होने पर बलवंत सिंह ने जीयनपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की मदद लेकर 26 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
उधर, प्रोफेसर अमरीक सिंह ने बताया कि वादी मुकदमा बलवंत सिंह से उनकी पुरानी रंजिश चलती है। उनकी बहन की शादी होने पर अपनी जमीन का बैनामा किया था। लेकिन खारिज दाखिल होते समय उसमें आपत्ति लगा दी। अमरीक सिंह ने बलवंत द्वारा लगाए गए सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि हमारा कालेज बहुत पुराना और मेहनत की कमाई से तैयार हुआ है।