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Varanasi News: बिजली विभाग के संविदा चालक की मौत का मामला, वीडियोग्राफी के साथ हुआ पोस्टमार्टम
Tue, 01 Jul 2025 10:03 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 01 Jul 2025 10:03 PM IST
सार
पिछले दिनों बिजली विभाग के संविदा चालक की मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया गया लेकिन इस दौरान अधिकारी गायब रहे। जिससे परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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यूपी पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बड़ागांव थाना क्षेत्र के कोईराजपुर गांव निवासी बिजली विभाग में संविदा चालक के रूप में कार्यरत अनिल पांडेय (48) की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों के मांग पर मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया गया।
मेडिकल प्रक्रिया के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद गांव में अंतिम दर्शन के बाद मणिकर्णिका घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के छोटे बेटे वैभव पांडेय ने मुखाग्नि दी। परिजनों का आरोप है कि अनिल पांडेय की मौत के बाद बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शव को घर छोड़कर चले गए और फिर दोबारा नहीं लौटे।
मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस में भी विभाग का कोई व्यक्ति नहीं आया। न ही कोई अधिकारी मृतक के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचा। इससे परिजनों और गांव के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। मृतक की मौत को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजनों ने कहा कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक मौत की असल वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।
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मेडिकल प्रक्रिया के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद गांव में अंतिम दर्शन के बाद मणिकर्णिका घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के छोटे बेटे वैभव पांडेय ने मुखाग्नि दी। परिजनों का आरोप है कि अनिल पांडेय की मौत के बाद बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शव को घर छोड़कर चले गए और फिर दोबारा नहीं लौटे।
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मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस में भी विभाग का कोई व्यक्ति नहीं आया। न ही कोई अधिकारी मृतक के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचा। इससे परिजनों और गांव के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। मृतक की मौत को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजनों ने कहा कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक मौत की असल वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।
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