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एयरपोर्ट की तर्ज पर कैंट रेलवे स्टेशन का सेकेंड एंट्री गेट
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वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार (सेकेंड एंट्री) को विश्व स्तरीय बनाने का खाका तैयार कर लिया गया है। आकर्षक टर्मिनल भवन के साथ ही सेकेंड एंट्री गेट पर सभी यात्री सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सेना की जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे को जमीन मिलते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
दरअसल, सेकेंड एंट्री बाईपास 568 करोड़ की लागत से यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य होना है। इसके तहत नए प्लेटफार्म 10 और 11 का निर्माण, सभी पटरियों का आपस में लिंक अप, नई फ्रेट लाइन बिछाने के साथ ही सेकेंड एंट्री का कार्य किया जाना है। वहीं, कैंट रेलवे स्टेशन की सेकेंड एंट्री पर एयरपोर्ट की तर्ज पर टर्मिनल भवन तैयार किया जाएगा। सेकेंड एंट्री पर वीआईपी लाउंज, वातानुकूलित वेटिंग हाल, पहले से ज्यादा बुकिंग काउंटर आदि बनाया जाना है। पार्किंग एरिया को भी विस्तार दिया जाना है। इसके लिए सेना जमीन दे रही है। लेकिन जमीन हस्तांतरण में अतिक्रमण का पेंच फंसा हुआ है। जमीन मिलते ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसका नक्शा तैयार है। स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि जमीन मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
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दरअसल, सेकेंड एंट्री बाईपास 568 करोड़ की लागत से यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य होना है। इसके तहत नए प्लेटफार्म 10 और 11 का निर्माण, सभी पटरियों का आपस में लिंक अप, नई फ्रेट लाइन बिछाने के साथ ही सेकेंड एंट्री का कार्य किया जाना है। वहीं, कैंट रेलवे स्टेशन की सेकेंड एंट्री पर एयरपोर्ट की तर्ज पर टर्मिनल भवन तैयार किया जाएगा। सेकेंड एंट्री पर वीआईपी लाउंज, वातानुकूलित वेटिंग हाल, पहले से ज्यादा बुकिंग काउंटर आदि बनाया जाना है। पार्किंग एरिया को भी विस्तार दिया जाना है। इसके लिए सेना जमीन दे रही है। लेकिन जमीन हस्तांतरण में अतिक्रमण का पेंच फंसा हुआ है। जमीन मिलते ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसका नक्शा तैयार है। स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि जमीन मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
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