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कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने कहा, भारत से ही आर्यों का हुआ विस्तार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 13 Apr 2017 01:55 AM IST
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कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू भारत अध्ययन केंद्र की ओर से अभिनव भवन में बुधवार को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने ‘भारत पर आर्य आक्रमण : आनुवंशिक दृष्टिकोण’ पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि डीएनए के व्यापक अध्ययन से प्रमाणित होता है कि भारत आनुवंशिक परंपरा ही मध्य एशिया और उसके आगे तक व्याप्त रही।
संतति में आने वाले माता व पिता दोनों की आनुवंशिक परंपरा के सूक्ष्म परीक्षण से प्रमाणित होता है कि भारत से ही आर्यों का विस्तार हुआ न कि आर्यों का भारत में आगमन हुआ।
मुख्य अतिथि संस्कृत विद्वान प्रो. लल्लन मिश्रा ने कहा कि आर्यों के भारत का मूल निवासी होने का जो तथ्य प्रमाणित था उसको आज वैज्ञानिक आधार मिल गया। इससे भारतीय आनुवंशिक दृष्टिकोण प्रमाणित होता है।
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उन्होंने कहा कि डीएनए के व्यापक अध्ययन से प्रमाणित होता है कि भारत आनुवंशिक परंपरा ही मध्य एशिया और उसके आगे तक व्याप्त रही।
संतति में आने वाले माता व पिता दोनों की आनुवंशिक परंपरा के सूक्ष्म परीक्षण से प्रमाणित होता है कि भारत से ही आर्यों का विस्तार हुआ न कि आर्यों का भारत में आगमन हुआ।
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मुख्य अतिथि संस्कृत विद्वान प्रो. लल्लन मिश्रा ने कहा कि आर्यों के भारत का मूल निवासी होने का जो तथ्य प्रमाणित था उसको आज वैज्ञानिक आधार मिल गया। इससे भारतीय आनुवंशिक दृष्टिकोण प्रमाणित होता है।
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