वाराणसी: बीएचयू अस्पताल में बनेगा बंकर, रेडियोथेरेपी में बाहर नहीं आएगा रेडिएशन; कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत
बीएचयू अस्पताल में बंकर बनेगा। रेडियोथेरेपी सेंटर में आधुनिक तकनीक वाली लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन जल्द लगेगी। दूसरी मशीन लगने से कैंसर मरीजों को राहत मिलेगी। इससे इंतजार कम होगा।
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बीएचयू अस्पताल के रेडियोथेरेपी सेंटर में जल्द ही आधुनिक तकनीक वाली लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन लगाई जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। मशीन लगाने से पहले यहां विशेष बंकर बनाया जा रहा है, ताकि रेडियोथेरेपी के दौरान निकलने वाला रेडिएशन निर्धारित क्षेत्र से बाहर न फैले। नई मशीन लगने के बाद अस्पताल में लीनियर एक्सीलेरेटर मशीनों की संख्या दो हो जाएगी। इससे दूर-दराज से आने वाले कैंसर मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बीएचयू अस्पताल में वाराणसी और आसपास के जिलों के अलावा बिहार से भी मरीज सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडियोथेरेपी विभाग की ओपीडी में पहुंचते हैं। अस्पताल परिसर में सीसीआई लैब के काउंटर के पास रेडियोथेरेपी सेंटर संचालित है। सेंटर में अभी एक लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन है।
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मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दूसरी मशीन लगाने की तैयारी है। इस मशीन की मदद से कैंसर प्रभावित हिस्से को लक्षित कर रेडिएशन दिया जाता है। इससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलती है। दूसरी मशीन शुरू होने से ज्यादा मरीजों को समय पर रेडियोथेरेपी उपलब्ध कराई जा सकेगी। ऐसे में रेडिएशन को बाहर फैलने से रोकने के लिए विशेष बंकर बनाया जा रहा है।
आईएमएस बीएचयू के रेडियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु मिश्रा ने बताया कि आधुनिक तकनीक वाली लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन लगाने की तैयारी चल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बंकर बनाया जा रहा है। इसके निर्माण का उद्देश्य रेडियोथेरेपी के दौरान निकलने वाले रेडिएशन को निर्धारित क्षेत्र तक सीमित रखना है, ताकि अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य लोगों पर इसका प्रभाव न पड़े।
बंकर की दीवारें विशेष रूप से तैयार की जाती हैं, ताकि रेडिएशन बाहर न निकल सके। इससे मरीजों के तीमारदारों और परिसर में मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। रेडियोथेरेपी के दौरान विकिरण सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी होता है।