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Shine City: शाइन सिटी के निदेशक की पॉवर ऑफ अटार्नी में सेंध, ईओडब्ल्यू ने की जांच; जेल प्रशासन भी हुआ सतर्क

Mon, 24 Jun 2024 11:30 AM IST
अमन विश्वकर्मा ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 24 Jun 2024 11:30 AM IST
सार

Varanasi News: मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के लहरतारा के सिंधुरिया काॅलोनी निवासी अमिताभ श्रीवास्तव वर्ष 2020 से ही जेल में बंद है। उसकी शिक्षिका पत्नी मीरा श्रीवास्तव भी धोखाधड़ी में आरोपी है। मीरा के बैंक खाते से बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है। इस आरोप में यह भी बंद है। जेल प्रशासन के अनुसार इनसे मुलाकात करने वालों की संख्या बहुत कम होती है। सिर्फ परिवार के लोग ही आते हैं।

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Breach in power of attorney director of Shine City EOW investigated varanasi Jail administration alert
शाइन सिटी का मामला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में जिला जेल चौकाघाट में बंद शाइन सिटी के निदेशक अमिताभ श्रीवास्तव की पावर ऑफ अटार्नी में सेंधमारी की जा रही है। ऐसा बयान वह खुद आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) लखनऊ की जांच में दे रहा है। ईओडब्ल्यू उसके बयान के आधार पर अपनी जांच तेज की है। जिला जेल प्रशासन को भी ताकीद की गई है कि इनके मुलाकातियों पर विशेष नजर रखें।

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ईओडब्ल्यू मुख्यालय स्तर के अफसरों की टीम निदेशक अमिताभ के साथ ही जेल में बंद उसकी पत्नी मीरा श्रीवास्तव से भी पूछताछ करेगी। मुलाकातियों की सूची भी जेल प्रशासन से मांगी जा सकती है। जेल में बंद अमिताभ की फर्जी आईडी और फर्जी हस्ताक्षर पर लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री हुई है। 
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लखनऊ ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक पूछताछ में अमिताभ ने अपना पक्ष रखा है कि फर्जी आईडी और फर्जी हस्ताक्षर की बदौलत मेरी पावर ऑफ अटार्नी का गलत इस्तेमाल करके जमीन बेची गई है। चार वर्ष से जेल में बंद रहते हुए कि किसी भी ऐसे पेपर पर उसने हस्ताक्षर नहीं किया है।

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न्यायिक अभिरक्षा में कैसे हुए हस्ताक्षर

मुख्यालय के ईओडब्ल्यू अफसरों को यह लग रहा है कि वह बचने के लिए झूठ भी बोल सकता है। फिर यह भी सवाल है कि न्यायिक अभिरक्षा में रहते हुए अहम दस्तावेज पर कैसे कोई हस्ताक्षर करवा सकता है।

वाराणसी से लखनऊ पेशी पर जाने के दौरान अमिताभ किन लोगाें से मिला, यह सब भी जांच में दायरे में आ गया है। फिलहाल ईओडब्ल्यू ने अपनी ओर से जांच तेज कर दी है। अरबों की धोखाधड़ी मामले में आरोपी शाइन सिटी के 100 मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। इसमें 75 मुकदमों में चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।

ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने बताया कि अमिताभ ने जांच में कहा है कि उसकी फर्जी आईडी और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करके लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में दो बीघा जमीन बेची गई है। इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है। वाराणसी समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में शाइन सिटी ने जमीन बिक्री के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की है।

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