{"_id":"5b431c104f1c1b5d478b57aa","slug":"bjp-mla-alka-rai-expressed-pleasure-on-munna-bajrangi-murder","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुन्ना बजरंगी की हत्या पर भाजपा विधायक अलका राय ने जताई खुशी, जानिए क्या कहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुन्ना बजरंगी की हत्या पर भाजपा विधायक अलका राय ने जताई खुशी, जानिए क्या कहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:34 AM IST
विज्ञापन
दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी और गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से भाजपा विधायक अलका राय ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि इस घटना के बारे में टीवी से पता चला लेकिन जानकर खुशी हुई।
उन्होंने इस भगवान द्वारा दिया गया न्याय बताया। बता दें झांसी जेल में निरुद्ध मुन्ना बजरंगी की सोमवार को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार को उसकी पूर्व बीएसपी विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी।
उसे रविवार को झांसी से बागपत जेल लाया गया था। पेशी से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई। अलका राय ने कहा कि हम लोगों के परिवार के ऊपर हमेशा भय बना रहता था। मैं अपने लिए नही डरती थी लेकिन बच्चों को लेकर डर बना रहता था।
विज्ञापन
कुछ दिन पूर्व मुन्ना बजरंगी के साले की हत्या में मेरे बच्चों पर आरोप लगाया गया था। हम इंसाफ की मांग करते थे लेकिन आज इस घटना के बाद खुशी हुई। अलका राय ने कहा कि किसी न किसी की तो आह लगी होगी। मुन्ना की वजह से कई महिलाएं विधवा हुई हैं।
बता दें मुन्ना बजरंगी भाजपा के विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या में मुख्य अभियुक्त था। कृष्णानंद राय हत्याकांड उत्तर प्रदेश के इतिहास में जघन्य हत्याकांडों में शुमार है।
विज्ञापन
उन्होंने इस भगवान द्वारा दिया गया न्याय बताया। बता दें झांसी जेल में निरुद्ध मुन्ना बजरंगी की सोमवार को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार को उसकी पूर्व बीएसपी विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी।
विज्ञापन
उसे रविवार को झांसी से बागपत जेल लाया गया था। पेशी से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई। अलका राय ने कहा कि हम लोगों के परिवार के ऊपर हमेशा भय बना रहता था। मैं अपने लिए नही डरती थी लेकिन बच्चों को लेकर डर बना रहता था।
विज्ञापन
कुछ दिन पूर्व मुन्ना बजरंगी के साले की हत्या में मेरे बच्चों पर आरोप लगाया गया था। हम इंसाफ की मांग करते थे लेकिन आज इस घटना के बाद खुशी हुई। अलका राय ने कहा कि किसी न किसी की तो आह लगी होगी। मुन्ना की वजह से कई महिलाएं विधवा हुई हैं।
बता दें मुन्ना बजरंगी भाजपा के विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या में मुख्य अभियुक्त था। कृष्णानंद राय हत्याकांड उत्तर प्रदेश के इतिहास में जघन्य हत्याकांडों में शुमार है।
मुन्ना बजरंगी की एके-47 की तड़तड़ाहट से मचा था तूफान
सात लाख का इनामी बदमाश रह चुका सुपारी किलर मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या से हड़कंप मचा है। यूपी की अपराध की दुनिया में मुन्ना बजरंगी एक खूंखार और शातिर अपराधी माना जाता रहा। उसका नाम भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद चर्चा में आया।
गाजीपुर के भंवरकौल थाना क्षेत्र के गंधौर में 29 नवंबर 2005 को कृष्णानंद राय की दिनदहाड़े हत्या हुई थी। आरोप है कि माफिया मुख्तार अंसारी के ही कहने पर मुन्ना बजरंगी ने कृष्णानंद राय पर एके-47 से 400 गोलियां दागीं।
हमले में विधायक कृष्णानंद राय के अलावा उनके साथ चल रहे छह अन्य लोग भी मारे गए थे। पोस्टमार्टम के दौरान हर मृतक के शरीर से 60 से 100 तक गोलियां बरामद हुईं थी। इसके बाद से वह मोस्ट वांटेड बन गया था।
हमले में कृष्णानंद राय व उनके छह साथियों मुहम्मदाबाद के पूर्व ब्लाक प्रमुख श्यामाशंकर राय, भांवरकोल ब्लाक के मंडल अध्यक्ष रमेश राय, अखिलेश राय, शेषनाथ पटेल, मुन्ना यादव व उनके अंगरक्षक निर्भय नारायण उपाध्याय की मौत हुई थी। ये सभी क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के बाद गाजीपुर लौट रहे थे।
गाजीपुर के भंवरकौल थाना क्षेत्र के गंधौर में 29 नवंबर 2005 को कृष्णानंद राय की दिनदहाड़े हत्या हुई थी। आरोप है कि माफिया मुख्तार अंसारी के ही कहने पर मुन्ना बजरंगी ने कृष्णानंद राय पर एके-47 से 400 गोलियां दागीं।
हमले में विधायक कृष्णानंद राय के अलावा उनके साथ चल रहे छह अन्य लोग भी मारे गए थे। पोस्टमार्टम के दौरान हर मृतक के शरीर से 60 से 100 तक गोलियां बरामद हुईं थी। इसके बाद से वह मोस्ट वांटेड बन गया था।
हमले में कृष्णानंद राय व उनके छह साथियों मुहम्मदाबाद के पूर्व ब्लाक प्रमुख श्यामाशंकर राय, भांवरकोल ब्लाक के मंडल अध्यक्ष रमेश राय, अखिलेश राय, शेषनाथ पटेल, मुन्ना यादव व उनके अंगरक्षक निर्भय नारायण उपाध्याय की मौत हुई थी। ये सभी क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के बाद गाजीपुर लौट रहे थे।
विरोध की आग में जला था पूर्वांचल
Munna Bajrangi
गाजीपुर में हुए इस हत्याकांड ने यूपी सहित पूरे पूर्वांचल को दहला कर रख दिया था। सियासी जगत में हलचल मच गई थी। गाजीपुर जिला दहल उठा था। इस हत्याकांड से पूरे यूपी सहित बिहार में भी हड़कंप मच गया था।
गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी में हत्याकांड के विरोध में लगभग एक सप्ताह तक आगजनी, तोड़फोड़ आंदोलनों का दौर चलता रहा। तत्कालीन सपा सरकार प्रदेश की जांच एजेंसी की रिपोर्ट को सही ठहरा रही थी, जबकि भाजपा पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने पर अड़ी थी।
बनारस में बजरंगी पर आधा दर्जन से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे। इसमें खजुरी हत्याकांड, नरिया हत्याकांड, मलदहिया हत्याकांड, साहू हत्याकांड सहित अन्य मामले हैं, जिनमें मुन्ना बजरंगी का नाम आया था। इसके अलावा रंगदारी और हत्या की धमकी देने के भी कुछ मामले वाराणसी में दर्ज थे।
गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी में हत्याकांड के विरोध में लगभग एक सप्ताह तक आगजनी, तोड़फोड़ आंदोलनों का दौर चलता रहा। तत्कालीन सपा सरकार प्रदेश की जांच एजेंसी की रिपोर्ट को सही ठहरा रही थी, जबकि भाजपा पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने पर अड़ी थी।
बनारस में बजरंगी पर आधा दर्जन से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे। इसमें खजुरी हत्याकांड, नरिया हत्याकांड, मलदहिया हत्याकांड, साहू हत्याकांड सहित अन्य मामले हैं, जिनमें मुन्ना बजरंगी का नाम आया था। इसके अलावा रंगदारी और हत्या की धमकी देने के भी कुछ मामले वाराणसी में दर्ज थे।