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भाजपा विधायक ने जिस स्कूल को गोद लिया उसका हाल बेहाल, बिना किताब के हो गई सत्र परीक्षा

Sun, 03 Sep 2017 04:05 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 03 Sep 2017 04:05 PM IST
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BJP leader adopted school is in very bad condition
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूल महमूरगंज के जर्जर भवन में चलती हैं कक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
12 विषय, दो अध्यापक और बिना किताब के ही हो गई सत्र परीक्षा...। शिक्षकों से लेकर पाठ्यपुस्तकों और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझते परिषदीय विद्यालयों के ये हालात आपको भले चौंकाएं लेकिन जिम्मेदारों को कोई परवाह नहीं।
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शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लंबे-चौड़े दावे और वादे इन विद्यालयों में दम तोड़ते नजर आते हैं। ऐसा ही एक विद्यालय है आदर्श प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय महमूरगंज। बीच शहर होने के बावजूद यहां न इंतजाम दुरुस्त न भवन। जर्जर भवन में चलती कक्षाएं खतरे की पाठशाला बन गई हैं।
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बैठने को टेबल-कुर्सियां तो हैं लेकिन छतों और दीवारों की हालत इतनी जर्जर है कि वो कब गिर जाएं, पता नहीं। बच्चों की जान जोखिम में होने के बावजूद जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि, करीब छह महीने पहले से इस स्कूल को कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने गोद लिया हुआ है। 
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स्कूल की इंचार्ज रूपशिखा बताती हैं कि भवन की मरम्मत के लिए कई बार खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तक से आग्रह किया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मरम्मत के लिए अधिकारी जमीन के कागजात मांग रहे हैं। अब हम उन्हें कहां से खसरा-खतौनी लाकर दें? मरम्मत के दौरान कोई विवाद न हो, इसकी गारंटी भी वो शिक्षकों से ही मांग रहे हैं। स्कूल की हालत ऐसी है कि अब इसकी मरम्मत न कराई गई तो कब कोई बड़ा हादसा हो जाए, कहा नहीं जा सकता। 

'एमडीएम,यूनिफार्म ना दो, बस दे दो केवल किताब'

BJP leader adopted school is in very bad condition
आदर्श प्राथमिक विद्यालय महमूरगंज का जर्जर भवन - फोटो : अमर उजाला
शिक्षिका प्रीति द्विवेदी ने बताया कि स्कूल में मूलभूत सुविधाआें के साथ ही शिक्षकों की भी कमी है। शिक्षामित्रों के आंदोलन के दौरान सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई हुई। अप्रैल माह से सेशन शुरू हुआ और बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिलीं।

दो शिक्षकों के भरोसे 12 विषय वो भी बिना किताबों के। एक सत्र की परीक्षा भी हो गई। इस तरह शिक्षा की गुणवत्ता कहां से लाई जाए।  

महमूरगंज का प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय ही नही शहर में कई और विद्यालय हैं, जो खस्ताहाली जूझ रहे हैं। अभिभावक ये तक कहने लगे हैं कि बच्चों को मिड डे मील, यूनिफार्म भले ना दें लेकिन समय से किताबें तो मिल जाएं।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रज भूषण चौधरी का कहना है कि स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों, इसकी पूरी कोशिश की जा रही है। हाईकोर्ट और शासन के निर्देशानुसार जल्द सभी इंतजाम सुनिश्चित कराए जाएंगे।

इस बाबत पूछने पर कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि स्कूल की हालत काफी जर्जर है। जल्द ही इस विद्यालय को मॉडल स्कूल के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसका प्रस्ताव बनाया गया है। 15 सितंबर के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
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