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ई-रिक्शा पर केदार घाट पहुंचे बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:37 AM IST
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बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन
- फोटो : amar ujala
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अनंत विभूषित स्वामी भूमानंद तीर्थ महाराज के 28 में महानिर्वाण उत्सव के अवसर पर काशी में केदार घाट पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। शनिवार को बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ई-रिक्शा में सवार होकर यहां पहुंचे।
सातवें दिन शनिवार को कथा का अमृत मान कराते हुए पं. श्याम सुंदर पाराशर ने कहा कि कथा सुनने से मन में व्याप्त माया, वासना, छल कपट उसी तरह जलकर खाक हो जाता है, जिस तरह यह शरीर महा श्मशान में जलकर खाक हो जाता है।
इस मौके पर पहुंचे राज्यपाल ने पहले चरण पादुका का पूजन अर्चन किया। राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान और सेवा के लिए सबसे आगे रहने वाला भूमानंद पीठ में आज आकर परम शांति की प्राप्ति हो रही है। आज हमारा पर्यावरण हमसे रुष्ट हो गया है। इस पर हमें विचार करना चाहिए।
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इस अवसर पर राज्यपाल को राजर्षि की उपाधि से अलंकृत किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि भूमा पीठ हमेशा से देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा के लिए तत्पर है।
इस मौके पर काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पं. रामयत्न शुक्ल महामंत्री राम नारायण द्विवेदी, चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत पंडित चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, शारदा भवन के विनोद राव पाठक सहित काशी के मूर्धन्य विद्वान और रामयश मिश्रा उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत केंद्रीय ब्राह्मण महा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्र ने किया।
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सातवें दिन शनिवार को कथा का अमृत मान कराते हुए पं. श्याम सुंदर पाराशर ने कहा कि कथा सुनने से मन में व्याप्त माया, वासना, छल कपट उसी तरह जलकर खाक हो जाता है, जिस तरह यह शरीर महा श्मशान में जलकर खाक हो जाता है।
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इस मौके पर पहुंचे राज्यपाल ने पहले चरण पादुका का पूजन अर्चन किया। राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान और सेवा के लिए सबसे आगे रहने वाला भूमानंद पीठ में आज आकर परम शांति की प्राप्ति हो रही है। आज हमारा पर्यावरण हमसे रुष्ट हो गया है। इस पर हमें विचार करना चाहिए।
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इस अवसर पर राज्यपाल को राजर्षि की उपाधि से अलंकृत किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि भूमा पीठ हमेशा से देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा के लिए तत्पर है।
इस मौके पर काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पं. रामयत्न शुक्ल महामंत्री राम नारायण द्विवेदी, चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत पंडित चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, शारदा भवन के विनोद राव पाठक सहित काशी के मूर्धन्य विद्वान और रामयश मिश्रा उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत केंद्रीय ब्राह्मण महा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्र ने किया।