Education: विदेश में एक सेमेस्टर की पढ़ाई पर 30 अंकों का क्रेडिट, डिग्री देगा BHU; जानें क्या है एफएचएआई
BHU University Varanasi: इस कार्यक्रम से बीएचयू का ग्लोबल एकेडमिक फुटप्रिंट भी बढ़ेगा। इसके लिए बीएचयू विदेश के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौते करेगा और अलग-अलग कार्यक्रम की शुरुआत करेगा।
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Varanasi News: बीएचयू के छात्र विदेश में रहकर एक सेमेस्टर की पढ़ाई कर सकेंगे। इस पर 30 अंक का क्रेडिट और डिग्री दोनों बीएचयू ही देगा। बीएचयू अपने छात्रों का ग्लोबल एक्सपोजर बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय रिसर्च नेटवर्क बेहतर करने के लिए (फॉरेन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट) एफएचएआई की शुरुआत करेगा।
दुनिया के शीर्ष 1000 शैक्षणिक संस्थानों में छात्र दाखिला ले सकते हैं। 30 अंकों का क्रेडिट और डिग्री दोनों बीएचयू ही जारी करेगा। बीएचयू के छात्र किसी भी विदेशी विश्वविद्यालय में एक सेमेस्टर पढ़ सकेंगे। विदेशी संस्थानों के साथ संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम विकसित करेगा।
बीएचयू में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों को मॉड्यूलर कोर्स चुनने और क्रेडिट पाने की सुविधा दी जाएगी। यूजीसी ने साल 2022 में भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को लेकर दिशानिर्देश जारी किया था, उसी के तहत यह व्यवस्था अपनाई जा रही है।
चल रही है तैयारी
ये सभी सहयोग यूजीसी के एकेडमिक कोलेबोरेशन रेगुलेशन 2022 के तहत किए जाएंगे। इसका पूरा डिटेल यूजीसी की वेबसाइट पर भी है। 2025 में 711 विदेशी छात्रों ने लिया दाखिला: सत्र 2025-26 बीएचयू में 711 विदेशी छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। जबकि इस संख्या को भी बढ़ाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है।
इसके अलावा क्यूएस रैंकिंग में अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी रेशियो 1.5, अंतरराष्ट्रीय छात्र विविधता 7.2 और अंतरराष्ट्रीय छात्र अनुपात तीन अंक रहा। आगामी सत्र से बीएचयू अपने विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए सीट भी बढ़ाएगा।
इसके लिए सीटों का सुपर न्यूमेरी कोटा 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी किया जाएगा। इसमें यूजी और पीजी दोनों कोर्स की सीटें होंगी। सभी विभाग, कॉलेज और संस्थान में एक समान 25 फीसदी सीटें होंगी। वहीं पीएचडी कार्यक्रमों के लिए सुपर न्यूमेरी सीटों की संख्या यूजीसी के नियमों के आधार तय की जाएगी।
वैज्ञानिक ऐसे शोध तैयार करें जो जमीन पर दिखे
बीएचयू के विज्ञान संस्थान स्थित सेमिनार काॅम्पलेक्स में कृषि एआई आधारित कार्यक्रम हुआ। बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डीन प्रो. यूपी सिंह ने तापमान में बदलाव, वर्षा और मौसम के बदलते पैटर्न पर चिंता जताई। छात्रों और वैज्ञानिकों को ऐसे शोध तैयार करने के लिए कहा जो न सिर्फ वैज्ञानिक रूप से ठोस हों, बल्कि जमीनी कृषि प्रणालियों पर भी सीधे लागू हों, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शोध के परिणाम किसानों के लिए काफी काम के हैं और सतत कृषि विकास में योगदान मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड के धनबाद स्थित विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह को एक संस्था की ओर से वाइस चांसलर अवाॅर्ड 2025 से नवाजा गया। वह ऑनलाइन मोड में शामिल हुए। प्रो. राम कुमार सिंह ने कहा कि कृषि में एआई के इस्तेमाल को बढ़ाने की बात की।