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वाराणसी तो फर्स्ट डिवीजन लेकिन फिसड्डी ही रह गया बीएचयू
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:42 PM IST
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बीएचयू में महज 38 फीसदी वोटिंग
- फोटो : अमर उजाला
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय का पढ़ा लिखा तबका इस बार भी फिसड्डी रह गया। तमाम जागरुकता अभियान और अपील भी इन पढ़े-लिखे मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक नहीं ले जा सकी। बुधवार को हुए विधानसभा चुनाव में बीएचयू का वोटिंग प्रतिशत महज 38.59 प्रतिशत ही रहा।
खटकने वाली बात ये है कि जहां इस बार लोग वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद जता रहे थे, वहीं इस बार पिछले विधानसभा से भी कम वोट पड़े। इससे अंदाजा यही लगाया जा सकता है कि इस शिक्षित तबके ने पोलिंग बूथ तक जाना जरूरी नहीं समझा।
कैंट विधानसभा में आने वाले बीएचयू में इस बार कुल 4309 मतदाता थे। कला संकाय में बनाए गए मतदान केंद्र में चार पोलिंग बूथ पर वोट पड़े। सुबह से ही यहां वोटिंग की रफ्तार धीमी रही।
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बता दें कि बीते विधान सभा चुनाव में बीएचयू में 42 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, वहीं लोकसभा चुनाव में ये प्रतिशत 52 तक पहुंचा था। इस बार भी अंदाजा लगाया जा रहा था कि शायद बीएचयू के मतदाता खुद को अव्वल नंबर पर खड़ा करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार भी अपने प्रचार की शुरुआत इसी विश्वविद्यालय से की थी।
महामना की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित उनका रोड शो आगे बढ़ा था लेकिन उनका ये अभियान भी बीएचयू वोटरों को जगा नहीं सका।
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खटकने वाली बात ये है कि जहां इस बार लोग वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद जता रहे थे, वहीं इस बार पिछले विधानसभा से भी कम वोट पड़े। इससे अंदाजा यही लगाया जा सकता है कि इस शिक्षित तबके ने पोलिंग बूथ तक जाना जरूरी नहीं समझा।
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कैंट विधानसभा में आने वाले बीएचयू में इस बार कुल 4309 मतदाता थे। कला संकाय में बनाए गए मतदान केंद्र में चार पोलिंग बूथ पर वोट पड़े। सुबह से ही यहां वोटिंग की रफ्तार धीमी रही।
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बता दें कि बीते विधान सभा चुनाव में बीएचयू में 42 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, वहीं लोकसभा चुनाव में ये प्रतिशत 52 तक पहुंचा था। इस बार भी अंदाजा लगाया जा रहा था कि शायद बीएचयू के मतदाता खुद को अव्वल नंबर पर खड़ा करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार भी अपने प्रचार की शुरुआत इसी विश्वविद्यालय से की थी।
महामना की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित उनका रोड शो आगे बढ़ा था लेकिन उनका ये अभियान भी बीएचयू वोटरों को जगा नहीं सका।