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बीएचयू प्रशासन ने मानी मांगे, कुलपति आवास के बाहर आठ दिन से चल रहा छात्रों का धरना खत्म

Sat, 12 Dec 2020 12:18 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Sat, 12 Dec 2020 12:18 AM IST
सार

  • आधी रात के बाद हुई घटना, कुलपति आवास के बाहर आठ दिन से चल रहा है धरना
  • छात्रों का आरोप-रात में सो रहे छात्रों पर सुरक्षाकर्मियों, बाउंसरों ने किया लाठीचार्ज
     

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BHU Varanasi disabled students protest blow from the students many injured
कुलपति आवास के बाहर घटना के बाद भी धरना दे रहे दिव्यांग छात्र

विस्तार

पिछले आठ दिनों से काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति आवास के बाहर चल रहा छात्रों का धरना शुक्रवार शाम कुलपति के साथ बातचीत के बाद समाप्त हो गया। बीएचयू प्रशासन ने छात्रों की मांग भी मान ली है। बैठक में 14 दिसंबर से केंद्रीय ग्रंथालय और सिटी डेलीगेसी को कोविड प्रोटोकॉल के तहत खोले जाने का निर्णय लिया गया।

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इसके साथ ही 15 जनवरी तक सेमेस्टर परीक्षा के खत्म होने के बाद छात्रावास भी खोले जाएंगे। इस बार बिना नोड्यूज ही सभी शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त किया है। इस दौरान सुमित, शुभम, गोपी, नीतीश, पल्लव आदि मौजूद रहे।
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इसके पहले गुरुवार की आधी रात के बाद जबरन हटाने का प्रयास किया गया। छात्रों का आरोप था कि इस दौरान चीफ प्रॉक्टर कार्यालय से आए सुरक्षाकर्मियों और बाउंसरों ने उनके साथ धक्का-मुक्की के साथ ही लाठीचार्ज भी किया, जिसमें कई दिव्यांग छात्रों को चोट भी आईं। 
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कुलपति आवास के बाहर आठ दिन से धरना दे रहे छात्रों का कहना रहा कि जनवरी से उनकी सेमेस्टर परीक्षाएं होनी हैं, ऐसे में हॉस्टल और लाइब्रेरी खोला जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर धरना देने के बाद अब तक कोई ठोस निर्णय बीएचयू प्रशासन ने नही लिया है।

रात में भी शांतिपूर्ण तरीके से धरना चल रहा था। आधी रात बाद करीब ढाई बजे जब सभी छात्र धरना स्थल पर सो रहे थे, तभी  बाउंसरों और सुरक्षाकर्मियों ने जबरन हटाया।

दिव्यांग छात्र संतोष के मुताबिक, इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया, जिससे वहां अफरा तफरी मच गई। दिव्यांग छात्र जिसमें कुछ दृष्टिहीन भी थे, किसी तरह जान बचाकर इधर उधर भागने लगे। इससे चोट भी लगी है। धरनारत छात्रों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए दिव्यांग छात्रों पर इस तरह का अत्याचार करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

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