लॉकडाउन के अनुभवों पर शोध करने में जुटी बीएचयू की टीम, दस हजार लोगों की लेगी राय
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखकर चल रहे लॉकडाउन में लोगों के अनुभवों पर अब शोध की तैयारी शुरू हो गई है। बीएचयू मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर आरएन सिंह के निर्देशन में शिक्षकों की टीम लोगों के अनुभव पर सर्वे करने में लगी है। जिससे कि लॉकडाउन के दौरान होने वाली समस्याओं इसके लाभ और नुकसान के बारे में विस्तृत अध्ययन किया जा सके।
बीएचयू मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर आरएन सिंह का कहना है कि वैश्विक महामारी से निपटने के लिए पूरा देश अपने-अपने तरीके से काम कर रहा है। ऐसे में यह भी जानना बहुत जरूरी है कि लोग अपने घरों में कैसे जा रहे हैं, इसको लेकर उनके अनुभव क्या है? किस तरह की समस्याएं हैं और इसको लेकर के लोगों के विचार क्या है?
प्रोफेसर ने बताया कि फिलहाल पूरे देश से 10 हजार लोगों के सर्वे करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कि अलग-अलग लोगों के अनुभवों के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। इस कार्य में बीएचयू के शिक्षकों, दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर एनके चड्ढा, दिल्ली से ही प्रोफेसर जीपी ठाकुर, जोधपुर से प्रोफेसर रवि गुंथे सहित अन्य लोगो का भी सहयोग है। बताया कि अपनी राय देने के लिए लोग भारतीय मनोविज्ञान परिषद के फ़ेसबुक पेज पर दिए गए लिंक में अपनी बात लिख सकते हैं।