वाराणसी: शरीर की मुख्य धमनी एरोटा के पास हो गया था बड़ा छेद, बीएचयू में हुई सफल सर्जरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईएमएस बीएचयू के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में युवक की जटिल सर्जरी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार आजमगढ़ निवासी 22 वर्षीय युवक श्रीयादव के शरीर की मुख्य धमनी एरोटा के पास हो बड़ा छेद हो गया था। इस वजह से उसकी जान जाने का खतरा था। करीब 5 घण्टे की सर्जरी हुई।
कार्डियोथोरेसिक विभाग के प्रोफेसर डॉ सिद्धार्थ लखोटिया ने बताया कि करीब पंद्रह दिन पहले आये मरीज के दिल के दाएं और बाएं दोनों हिस्से फिर होने की स्थिति में थे ऐसे में बड़ी सावधानी से इसकी सर्जरी की गई। उसे मंगलवार को डिस्चार्ज किया गया। युवक को बीएचयू के सीटीवीएस विभाग में सांस लेने में कठिनाई और पूरे शरीर में सूजन की वजह से भर्ती कराया गया था।
समय पर नहीं होता इलाज तो जान जाने का खतरा
डॉक्टर सिदार्थ लखोटिया ने बताया कि मरीज का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था और उसे लगातार खांसी आ रही थी। इस वजह से उसके फेफड़ों में पानी भर गया था।
2डी इको से पता लगाया गया है कि युवक को जो बीमारी थी अगर समय पर इलाज नही होता तो शायद जान भी जा सकती थी। इस स्थिति में रक्त का रिसाव एरोटा में असमान्य छेद के माध्यम से दाएं वेंटिकल में भी होता है और पीछे की ओर बाय में वेंटिकल में लीक होने लगता है। रक्त के असामान्य प्रवाह के कारण उसके बाएं और दाएं दोनों वेंटिकल के निचले हिस्से और पूरे शरीर में रक्त पंप होने लगता है। और दोनों हो जाए हार्ट फ्लयोर की स्थिति में आ जाते हैं।
शुरुआत में मरीज को आईसीयू में वेंटिलेटर दी गई और हॉट फेल्योर को नियंत्रित करने के लिए दवाएं भी दी गई। सर्जरी में डॉक्टर सिद्धार्थ लखोटिया, डॉक्टर नरेंद्र नाथ दास के साथ ही डॉक्टर एसके माथुर और डॉ रीना ने एनेस्थीसिया दिया।