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घर में मृत मिलीं बीएचयू की प्रोफेसर, पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला शव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 23 Mar 2018 08:49 AM IST
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प्रो. रंजना मित्रा
- फोटो : file photo
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बीएचयू के महिला महाविद्यालय (एमएमवी) के मनोविज्ञान विभाग की प्रो. रंजना मित्रा (66) गुरुवार को हैदराबाद कॉलोनी स्थित अपने आवास पर मृत मिलीं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सूचना पर पहुंची लंका पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
लखनऊ की मूल निवासी प्रो. रंजना मित्रा वर्ष 1980 से बीएचयू के महिला महाविद्यालय में कार्यरत थीं और बीते साल सेवानिवृत्त हुई थीं। उसके बाद एक्सटेंशन दी गई थी। प्रो. रंजना ने शादी नहीं की थी और अकेले ही रहती थीं।
गुरुवार की सुबह प्रो. रंजना के यहां काम करने वाली नौकरानी ने उनके आवास का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने पड़ोसियों को जानकारी दी और फिर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के जरिए लंका पुलिस को सूचित किया गया।
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इंस्पेक्टर लंका संजीव मिश्रा ने बताया कि प्रो. रंजना का शव जमीन पर बिछे उनके बिस्तर पर पड़ा था। सूचना देने पर नई दिल्ली से उनके भाई प्रज्ञान भट्टाचार्य शहर आ गए हैं।
प्रज्ञान ने बताया कि वो 10 दिन पहले अपनी बहन से मिलकर गए थे। उस दौरान वो हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थीं। पोस्टमार्टम के बाद शव प्रज्ञान को सौंप दिया गया।
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लखनऊ की मूल निवासी प्रो. रंजना मित्रा वर्ष 1980 से बीएचयू के महिला महाविद्यालय में कार्यरत थीं और बीते साल सेवानिवृत्त हुई थीं। उसके बाद एक्सटेंशन दी गई थी। प्रो. रंजना ने शादी नहीं की थी और अकेले ही रहती थीं।
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गुरुवार की सुबह प्रो. रंजना के यहां काम करने वाली नौकरानी ने उनके आवास का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने पड़ोसियों को जानकारी दी और फिर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के जरिए लंका पुलिस को सूचित किया गया।
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इंस्पेक्टर लंका संजीव मिश्रा ने बताया कि प्रो. रंजना का शव जमीन पर बिछे उनके बिस्तर पर पड़ा था। सूचना देने पर नई दिल्ली से उनके भाई प्रज्ञान भट्टाचार्य शहर आ गए हैं।
प्रज्ञान ने बताया कि वो 10 दिन पहले अपनी बहन से मिलकर गए थे। उस दौरान वो हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थीं। पोस्टमार्टम के बाद शव प्रज्ञान को सौंप दिया गया।