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COVID-19: बीएचयू प्रोफेसर ने खोजी कोरोना वायरस के जांच की सरल तकनीक
Mon, 30 Mar 2020 03:45 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 30 Mar 2020 03:45 PM IST
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कोरोना वायरस, बीएचयू।
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से जहा देश-विदेश में चिकित्सक-वैज्ञानिक इससे निपटने के उपाय तलाशने में लगे हैं, वहीं बीएचयू की महिला प्रोफेसर ने सैंपल जांच की एक आसान तकनीक तैयार की है। अपने शोध छात्राओं के साथ मिलकर तैयार इस तकनीक को पेटेंट कराने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिया है।
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बीएचयू में डिपार्टमेंट ऑफ मॉलिक्यूलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्स की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गीता राय और उनकी टीम डोली दास, खुशबू प्रिया और हीरल ठक्कर ने यह तकनीक तैयार की है। डॉ. गीता के मुताबिक कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसके सैंपल जांच करने के लिए लैब में घंटों लग जाते हैं। जल्दी और सटीक जांच के लिए एक नई तकनीक तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि आरटी-पीसीआर आधारित नैदानिक परीक्षण 100 फीसदी सटीक जानकारी देगा।
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यह तकनीक एक ऐसे अनोखे प्रोटीन सीक्वेंस को टारगेट करती है जो सिर्फ कोरोना वायरस (COVID-19) में मौजूद है। किसी और वायरल स्ट्रेन में मौजूद नहीं। इस टेक्नोलॉजी की नवीनता के आधार पर एक पेटेंट भी फाइल किया गया है। भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा किए गए पूर्व निरीक्षण में यह पाया गया कि देश में इस सिद्धांत पर आधारित कोई किट नहीं है, जो कि इस तरह के प्रोटीन सीक्वेंस को टारगेट कर रहा हो।
देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की बढ़ती स्थिति एवं सटीक, तीव्र और सस्ते नैदानिक किटों की कमी को यह नैदानिक परीक्षण इन सभी मापदंडों को पूरा कर सकता है। बताया कि केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद से भी संपर्क किया गया है, ताकि इसे जनता तक ले जाया जा सके।