BHU News: बीएचयू हृदय रोग विभाग में खाली पड़े हैं बेड, मरीजों को पर्ची पर लिख रहे हैं 'NO BED', क्या है मामला
अस्पताल के हृदय रोग विभाग में शुक्रवार की दोपहर में ऐसा ही मामला सामने आया। जिसमें हृदय रोग से ग्रसित बिहार निवासी मरीज सुरेश चौधरी को परिजन बीएचयू अस्पताल लेकर आये थे। जहां डॉक्टर ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी। सुरेश जब वार्ड में पहुंचे तो वहां पता चला कि हृदय रोग विभाग में कोई बेड नहीं है जबकि बीएचयू अस्पताल के चौथे तल स्थित हृदय रोग विभाग में शुक्रवार की दोपहर तक 14 बेड खाली रहे। सुरेश को बेड नहीं मिला तो वह इधर उधर भटक रहा है।
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अस्पताल के हृदय रोग विभाग में शुक्रवार की दोपहर में ऐसा ही मामला सामने आया। जिसमें हृदय रोग से ग्रसित बिहार निवासी मरीज सुरेश चौधरी को परिजन बीएचयू अस्पताल लेकर आये थे। जहां डॉक्टर ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी। सुरेश जब वार्ड में पहुंचे तो वहां पता चला कि हृदय रोग विभाग में कोई बेड नहीं है जबकि बीएचयू अस्पताल के चौथे तल स्थित हृदय रोग विभाग में शुक्रवार की दोपहर तक 14 बेड खाली रहे। सुरेश को बेड नहीं मिला तो वह इधर उधर भटक रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक की लापरवाही से हर दिन वापस हो रहे मरीज कुलपति भी जिम्मेदार
बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर ओमशंकर ने शुक्रवार की दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मरीजों को बेड न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफ़ेसर केके गुप्ता पर मरीजो के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रोफ़ेसर ओम शंकर ने मरीजों को बेड न मिलने की समस्या के लिए कुलपति को भी जिम्मेदार ठहराया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में सीसीयू के 17 और सामान्य के 24 बेड हैं जो कि खाली पड़े रहते हैं।
प्रो.केके गुप्ता की लापरवाही से चाह कर भी किसी मरीज को बेड नहीं मिल पाते हैं। बताया कि पिछले 9 महीने से अब तक कई बार आवाज उठाने के बाद भी चिकित्सा अधीक्षक के द्वारा खाली पड़े बेडों पर मरीजों को भर्ती नहीं करने की साजिश रची जा रही है। बीएचयू अस्पताल के नियमानुसार हॉस्पिटल इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम(एचआईएमएस) पोर्टल पर जब तक बेड खाली नही दिखेगा तब तक मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकता। खाली बेड होने और मरीजों को ना मिलने के पीछे भी यही वजह है। उन्होंने बताया कि अब तक कई बार कुलपति को पत्र लिखकर चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ कार्यवाही की मांग भी की गई लेकिन कुलपति भी ना तो मिलने का समय दे रहै है और ना ही कार्यवाही कर रहे हैं। प्रोफेसर ओमशंकर ने चेतावनी दी कि अगर शनिवार की सुबह 11 बजे तक कुलपति ने प्रो.केके गुप्ता को पद से नहीं हटाया तो मरीजों के हित में आंदोलन करेंगे।