{"_id":"59cccea74f1c1bab538b4bf3","slug":"bhu-new-vice-chancellor-who-will-be-gossip-start","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू के नए कुलपति के लिए शुरू हो गई अटकलें, जल्द ही पूरा होगा प्रो. जीसी त्रिपाठी का कार्यकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू के नए कुलपति के लिए शुरू हो गई अटकलें, जल्द ही पूरा होगा प्रो. जीसी त्रिपाठी का कार्यकाल
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 29 Sep 2017 04:24 PM IST
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कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी
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बीएचयू के नए कुलपति को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। 27 नवंबर को कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। कुछ समय पहले तक प्रो. त्रिपाठी को एक और कार्यकाल के लिए नियुक्ति मिलने की चर्चा आम थी।
चर्चाएं थीं कि सेकेंड टर्म न मिलने पर प्रो. त्रिपाठी को एक बड़े संस्थान का चेयरमैन बनाया जा सकता है। कारण, सियासी समीकरणों के साथ-साथ परिसर का माहौल उनके पक्ष में था, पर 21 सितंबर को छात्रा के साथ परिसर में छेड़खानी, अगले दिन से धरना और 23 सितंबर को छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना से ऐसी सभी संभावनाओं पर विराम लगता नजर आ रहा है।
पूरा मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राज्यपाल राम नाईक के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीएचयू की घटना से खासे व्यथित हैं।
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विश्वविद्यालय की साख बहाली के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। अब महामना की बगिया की बगडोर किसी शिक्षाविद के साथ-साथ प्रशासनिक क्षमता में दक्ष व्यक्ति को ही सौंपने की तैयारी है। इसके लिए सभी अपने-अपने अनुमान से नाम उछालने लगे हैं।
कुलपति पद पर प्रो. त्रिपाठी ने 27 नवंबर, 2014 को कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल 27 नवंबर, 2017 को पूरा हो रहा है। नियमानुसार कार्यकाल समाप्ति के दो माह पहले कोई भी कुलपति नियुक्ति से संबंधित मामलों के अलावा अधिनियम-परिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार अन्य मामलों में बड़ा फैसला नहीं ले सकता है।
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चर्चाएं थीं कि सेकेंड टर्म न मिलने पर प्रो. त्रिपाठी को एक बड़े संस्थान का चेयरमैन बनाया जा सकता है। कारण, सियासी समीकरणों के साथ-साथ परिसर का माहौल उनके पक्ष में था, पर 21 सितंबर को छात्रा के साथ परिसर में छेड़खानी, अगले दिन से धरना और 23 सितंबर को छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना से ऐसी सभी संभावनाओं पर विराम लगता नजर आ रहा है।
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पूरा मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राज्यपाल राम नाईक के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीएचयू की घटना से खासे व्यथित हैं।
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विश्वविद्यालय की साख बहाली के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। अब महामना की बगिया की बगडोर किसी शिक्षाविद के साथ-साथ प्रशासनिक क्षमता में दक्ष व्यक्ति को ही सौंपने की तैयारी है। इसके लिए सभी अपने-अपने अनुमान से नाम उछालने लगे हैं।
कुलपति पद पर प्रो. त्रिपाठी ने 27 नवंबर, 2014 को कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल 27 नवंबर, 2017 को पूरा हो रहा है। नियमानुसार कार्यकाल समाप्ति के दो माह पहले कोई भी कुलपति नियुक्ति से संबंधित मामलों के अलावा अधिनियम-परिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार अन्य मामलों में बड़ा फैसला नहीं ले सकता है।
अब जिस तरह से विश्वविद्यालय की किरकरी पूरे देश में हुई है और मंत्रालय ने कुलपति के खिलाफ विरोध तेज होता देख कार्रवाई का संकेत भी दे दिया है।
अभी तक शुरू नहीं की गई ने नए कुलपति की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी सूरत सिंह ने नए कुलपति की नियुक्ति के लिए एक अगस्त को कुलसचिव को पत्र भेजा था। पत्र में इस पद के लिए नियमानुसार विज्ञापन प्रकाशित कराने को कहा था लेकिन 57 दिन बाद भी विज्ञापन नहीं निकाला गया है।
इसकी शिकायत पीएमओ तक हो चुकी है। उधर, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी कहते हैं कि जल्दी ही मंत्रालय को पत्र भेजकर विज्ञापन प्रकाशित करने की अनुमति ली जाएगी। उनका दावा तो यह भी है कि संबंधित प्रक्रिया शुरू करने का समय निर्धारित नहीं होता है।
इसकी शिकायत पीएमओ तक हो चुकी है। उधर, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी कहते हैं कि जल्दी ही मंत्रालय को पत्र भेजकर विज्ञापन प्रकाशित करने की अनुमति ली जाएगी। उनका दावा तो यह भी है कि संबंधित प्रक्रिया शुरू करने का समय निर्धारित नहीं होता है।