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बीएचयू अस्पताल के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 25 May 2016 02:21 AM IST
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जूनियर डॉक्टर हड़ताल से ओपीडी में पसरा सन्नाटा।
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बीएचयू अस्पताल के प्रसूति रोग विभाग में सोमवार देर रात मारपीट की घटना के बाद मंगलवार को करीब सवा सौ जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। ओपीडी और वार्ड में उन्होंने अपनी सेवाएं देना बंद दिया है, केवल इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी हैं। डॉक्टरों ने चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला को नौ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी और अस्पताल में सुरक्षा तंत्र मजबूत करते हुए बाउंसर नियुक्त नहीं किए जाएंगे, वे हड़ताल जारी रखेंगे। इस बीच देर शाम बीएचयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय की ओर से लंका थाने में मारपीट के आरोपी छात्र सोनू सिंह व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
सोमवार की देर रात प्रसूति रोग विभाग में बीएचयू का छात्र सोनू सिंह अपनी महिला रिश्तेदार को दिखाने पहुंचा था। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की मौत पहले ही हो गई थी, बावजूद इसके उन पर इलाज का दबाव बनाया जा रहा था। परीक्षण के बाद जब डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित कर दिया तो परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे और डॉक्टरों की पिटाई कर दी। महिला डॉक्टरों के साथ भी उन्होंने अभद्रता की। मौके पर वहां तैनात गार्ड भी भाग गया था। मारपीट के विरोध में मंगलवार को पहले तो प्रसूति रोग विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया। दोपहर बाद सभी जूनियर डॉक्टरों ने बैठक कर काम करना बंद कर दिया। उन्होंने दोषी पर कार्रवाई की मांग के साथ एमपीए के तहत एमएस द्वारा थाने में एफआईआर कराने के साथ दोषी छात्र का बीएचयू से निष्कासन समेत नौ मांगे रखीं हैं।
डॉक्टरों की मांग पर कार्रवाई करते हुए देर शाम बीएचयू की ओर से आरोपी छात्र सोनू सिंह समेत उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय का कहना है कि जूनियर डॉक्टरों की अधिकांश मांगें पूरी कर दी गई हैं। अन्य मांगों पर जल्द ही कार्रवाई होगी। पूरी संभावना है कि बुधवार को जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आएंगे।
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सोमवार की देर रात प्रसूति रोग विभाग में बीएचयू का छात्र सोनू सिंह अपनी महिला रिश्तेदार को दिखाने पहुंचा था। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की मौत पहले ही हो गई थी, बावजूद इसके उन पर इलाज का दबाव बनाया जा रहा था। परीक्षण के बाद जब डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित कर दिया तो परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे और डॉक्टरों की पिटाई कर दी। महिला डॉक्टरों के साथ भी उन्होंने अभद्रता की। मौके पर वहां तैनात गार्ड भी भाग गया था। मारपीट के विरोध में मंगलवार को पहले तो प्रसूति रोग विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया। दोपहर बाद सभी जूनियर डॉक्टरों ने बैठक कर काम करना बंद कर दिया। उन्होंने दोषी पर कार्रवाई की मांग के साथ एमपीए के तहत एमएस द्वारा थाने में एफआईआर कराने के साथ दोषी छात्र का बीएचयू से निष्कासन समेत नौ मांगे रखीं हैं।
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डॉक्टरों की मांग पर कार्रवाई करते हुए देर शाम बीएचयू की ओर से आरोपी छात्र सोनू सिंह समेत उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय का कहना है कि जूनियर डॉक्टरों की अधिकांश मांगें पूरी कर दी गई हैं। अन्य मांगों पर जल्द ही कार्रवाई होगी। पूरी संभावना है कि बुधवार को जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आएंगे।
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