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बीएचयू अस्पतालः मरीजों पर भारी पड़ रहा आईसीयू में बेड का इंतजार

Wed, 04 Jul 2018 06:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 04 Jul 2018 06:20 PM IST
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BHU hospital patient waiting icu long time
बीएचयू अस्पताल
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में आईसीयू में बेड की कमी से मरीजों की सांसत देखकर कोई भी व्यथित हो जाएगा। रोजाना मरीज और उनके परिजन यहां बेड खाली न होने से परेशान होते हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं होता।
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शारीरिक, मानसिक थकान झेलने के बावजूद जब बेड मुहैया नहीं हो पाता तो उन्हें विवश होकर निजी अस्पतालों की राह पकड़नी पड़ती है या फिर तड़पते रह जाना पड़ता है। कई बार तो इंतजार में मरीज की सांसें ही उखड़ जाती हैं। स्टाफ नर्स मंजू की मौत से पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब आईसीयू में जगह न मिलने से मरीज की मौत हुई। 
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पढ़ेंः बीएचयू अस्पताल का हाल, 1560 बेड की सुविधा मगर आईसीयू में सिर्फ इतने
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अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदार भी मानते हैं कि आईसीयू में मात्र 16 बेड होने से खासी दिक्कतें होती हैं। इतने वीआईपीज के फोन आते हैं कि आम मरीजों में किसी को यहां बेड मुहैया हो जाए तो भाग्य की बात समझिए। बावजूद इसके जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।  

सर सुंदरलाल अस्पताल की आईसीयू की क्षमता बढ़ाने के नाम पर डेढ़ साल से महज आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है। बीएचयू को इसका प्रस्ताव तैयार करने में ही तकरीबन साल भर लग गए। छह महीने पहले किसी तरह प्रस्ताव तैयार कर स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा भी गया तो उसे अब तक मंजूरी ही नहीं मिल पाई और इसकी बड़ी वजह भी बीएचयू प्रशासन की उदासीनता बताई जा रही है। 

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक यह प्रस्ताव 50 बेड की आईसीयू के लिए भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी के बाद इस पर काम शुरू होगा। लेकिन, जानकारों का दावा है कि जिस हिसाब से बीएचयू अस्पताल में मरीजों का दबाव है या फिर मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया का मानक है, यह भी नाकाफी होगा।

 मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के मुताबिक किसी भी मेडिकल कॉलेज/अस्पताल में कुल बेड का दस प्रतिशत बेड आईसीयू में होना चाहिए । बीएचयू अस्पताल की बात करें तो यहां महज एक प्रतिशत बेड आईसीयू में है।

रोजाना औसतन 10 मरीज बेड खाली न होने के चलते लौटा दिए जाते हैं। 1560 बेड के अस्पताल की आईसीयू तय मानक के अनुरूप 156 बेड की होनी चाहिए लेकिन मौजूदा समय यहां सिर्फ 16 बेड हैं। 
 

डॉ. ओपी उपाध्याय को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

BHU hospital patient waiting icu long time
अस्पताल परिसर में इंतजार करते लोग - फोटो : अमर उजाला
कुलपति  प्रो.राकेश भटनागर ने कहा कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए अस्पताल में आईसीयू की सुविधा को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जो भी प्रस्ताव पहले भेजे गए हैं, उसे पास कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा, जिससे कि मरीजों को कोई परेशानी न हो। इसके अलावा अस्पताल से जुड़ी अन्य समस्याओं का आंकलन कर उसे दूर कराया जाएगा। 

मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के रुप में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले डॉ. ओपी उपाध्याय को जल्द ही बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक कुलपति की ओर से इन्हें आईएमएस को एम्स जैसी सुविधा मिलने के लिए बनी पांच सदस्यीय कमेटी का चेयरमैन और सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के क्रियान्वयन के लिए गठित कमेटी में भी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।

हालांकि इस तरह का कोई आधिकारिक आदेश अभी जारी नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि एक दो दिन में यह आदेश भी जारी हो जाएगा।  डॉ. ओपी उपाध्याय का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब इसकी जिम्मेदारी कुलपति ने आईएमएस के डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ला को दी है। मंगलवार की दोपहर इसका आदेश जारी कर दिया गया। डॉ. उपाध्याय का चिकित्सा अधीक्षक का कार्यकाल दो जुलाई को पूरा हो गया था। 
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