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बीएचयू अस्पताल को एम्स जैसी सुविधाएं मिलने के बढ़े आसार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 06 Jun 2018 02:57 PM IST
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बीएचयू अस्पताल
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में एम्स जैसी सुविधाएं मिलने के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान को स्वास्थ्य मंत्रालय से जोड़ने पर फिलहाल नीति आयोग की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।
दिल्ली में कुलपति समेत अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इससे जुड़े प्रस्तावों पर बिंदुवार चर्चा के बाद यह निर्णय हुआ। इस बारे में बाकी औपचारिकताएं भी जल्द ही पूरी होने की संभावना है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों को पहले से अधिक सुविधाएं मिले, इसके लिए यहां फंड बढ़वाने के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान से लेकर अस्पताल के अधिकारी लगे हैं। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर, कैंसर सेंटर की सौगात मिलने के बाद अब संस्थान बीएचयू में एम्स जैसी सुविधाएं चाहता है।
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इसके लिए कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, आईएमएस निदेशक प्रो.वीके शुक्ला, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय, कुलसचिव नीरज त्रिपाठी पूरी तैयारी के साथ सोमवार को दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल हुए।
इसमें नीति आयोग के साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए। अब इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इस दिशा में आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि अभी माडर्न मेडिसिन को इसके दायरे में शामिल किया गया है।
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दिल्ली में कुलपति समेत अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इससे जुड़े प्रस्तावों पर बिंदुवार चर्चा के बाद यह निर्णय हुआ। इस बारे में बाकी औपचारिकताएं भी जल्द ही पूरी होने की संभावना है।
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अस्पताल में आने वाले मरीजों को पहले से अधिक सुविधाएं मिले, इसके लिए यहां फंड बढ़वाने के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान से लेकर अस्पताल के अधिकारी लगे हैं। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर, कैंसर सेंटर की सौगात मिलने के बाद अब संस्थान बीएचयू में एम्स जैसी सुविधाएं चाहता है।
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इसके लिए कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, आईएमएस निदेशक प्रो.वीके शुक्ला, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय, कुलसचिव नीरज त्रिपाठी पूरी तैयारी के साथ सोमवार को दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल हुए।
इसमें नीति आयोग के साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए। अब इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इस दिशा में आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि अभी माडर्न मेडिसिन को इसके दायरे में शामिल किया गया है।
दो संकायों को लेकर सस्पेंस बरकरार
अस्पताल परिसर में इंतजार करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
जिस नई सुविधा को लेकर जो प्रयास चल रहा है उसमें अभी माडर्न मेडिसिन को ही शामिल करने की बात सामने आई है, जबकि आयुर्वेद और दंत चिकित्सा संकाय पर सस्पेंस बरकरार है।
इस बारे में आयुर्वेद संकाय के प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने जल्द ही आईएमएस डायरेक्टर से मिलकर बात करने की बात कही है, जबकि दंत चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. नीलम मित्तल ने कहा कि सोमवार को दंत चिकित्सा संकाय का नाम न आने की जानकारी मिली थी लेकिन मंगलवार शाम अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि संकाय को भी इसमें शामिल किया गया है।
इस बारे में आयुर्वेद संकाय के प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने जल्द ही आईएमएस डायरेक्टर से मिलकर बात करने की बात कही है, जबकि दंत चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. नीलम मित्तल ने कहा कि सोमवार को दंत चिकित्सा संकाय का नाम न आने की जानकारी मिली थी लेकिन मंगलवार शाम अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि संकाय को भी इसमें शामिल किया गया है।