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बीएचयूः इतिहास के पेपर में अब ‘तीन तलाक’, ‘हलाला’ पर सवाल, छात्र बोले- विचारधारा थोपने की साजिश

Mon, 11 Dec 2017 04:10 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 11 Dec 2017 04:10 AM IST
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BHU dispute on triple talaq and halala in history question paper
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बीएचयू की एमए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के इतिहास के पेपर में ‘तीन तलाक’, ‘हलाला’ और ‘अलाउद्दीन खिलजी’ को लेकर पूछे गए सवाल विरोध और बहस का हिस्सा बन गए हैं। परीक्षा में इन सवालों के पूछे जाने के बाद कुछ छात्र काफी नाराज हैं।
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नाराज छात्रों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह के प्रश्नों के जरिए उन पर विचारधारा थोप रहा है। उधर, इतिहास विभाग के प्रोफेसरों का कहना है कि इतिहास से जुड़े समसामयिक प्रसंगों के बारे में नई पीढ़ी को जानना चाहिए। इस पर विवाद खड़ा करने जैसी कोई वजह नहीं है।
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परीक्षक ने इसी उद्देश्य से प्रश्नपत्र में इस तरह के सवालों को चुना होगा। पिछले दिनों एमए राजनीतिशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र में जीएसटी और बीजेपी, आप जैसे राजनीतिक दलों पर भी सवाल पूछे गए थे।
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अब एमए के प्रश्नपत्र ‘स्टेट फॉर्मेशन इन मिडवल इंडिया’ में खंड -(अ) का दूसरा सवाल -इस्लाम में हलाला क्या है? पूछा गया है। इसी प्रश्नपत्र में खंड -(ब) में 8वां सवाल -इस्लाम में तीन तलाक एवं हलाला एक सामाजिक बुराई है? इसकी व्याख्या कीजिए। पहला सवाल दो नंबर का और दूसरा 10 नंबर का है। 

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस 

BHU dispute on triple talaq and halala in history question paper
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परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों में जहां इन सवालों को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। कुछ छात्र नाराजगी जता रहे हैं कि किसी एक विचारधारा को विश्वविद्यालय में थोपने की यह साजिश हो सकती है। इसे रोका जाना चाहिए।

इस मामले में बीएचयू इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव श्रीवास्तव का कहना है कि अगर छात्रों से ऐसे सवाल नहीं पूछे जाएंगे तो उन्हें राष्ट्रीय पटल पर छाए ऐसे मुद्दों की जानकारी कैसे होगी। ये सवाल मध्यकालीन इतिहास में खुद -ब -खुद अपनी जगह बना रहे हैं।

राजीव का कहना है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जेएनयू बाल विवाह, सती प्रथा पर सवाल करते हैं तो रार नहीं मचती। उन्होंने कहा कि अब जरूरी है कि हम इतिहास के परिदृश्यों पर मंथन करें और छात्रों को इस तरह की चीजों को बताएं।

बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. जयकांत तिवारी का कहना है कि मध्यकालीन इतिहास के विद्यार्थियों को इतिहास से जुड़े समसामयिक प्रसंगों यथा ‘तीन तलाक’, ‘हलाला’ आदि के बारे में जानना जरूरी है। परीक्षक ने इसी उद्देश्य से सवाल तैयार किया होगा। ऐसे में इस तरह के मामले में टिप्पणी से लोगों को बचना चाहिए। 
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