{"_id":"5ef8eb868ebc3e42f66d7cdf","slug":"bhu-city-news-vns5328193115","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में मुंबई की टीम विजेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में मुंबई की टीम विजेता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बीएचयू विधि संकाय की ओर से आयोजित आठवीं महामना मालवीय ऑनलाइन राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के फाइनल में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज मुंबई की टीम विजेता घोषित की गई। बनस्थली विद्यापीठ विधि संकाय की टीम उप विजेता रही। इसके अलावा बेस्ट मेमोरियल सिम्बायोसिस ला स्कूल पुणे के नाम रहा और सबसे अच्छे वक्ता के रूप में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज मुंबई के दीपेश जोशी को पुरस्कृत किया गया।
विधि संकाय की ओर से मार्च में होने वाली प्रतियोगिता लॉकडाउन की वजह से स्थगित हो गई थी। दुबारा 26 जून से 28 जून तक इसका आयोजन किया गया। विधि संकाय प्रमुख प्रोफ़ेसर आरपी राय ने बताया कि पहले दिन 15 राज्यों के 18 विधि विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया। 27 जून को सेमीफाइनल के बाद फाइनल में पहुंची दो टीमों के बीच रविवार को प्रतियोगिता का फाइनल हुआ। उद्घाटन सत्र में सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता गीता लूथरा ने छात्रों को कोरोना काल में नए कौशल और बेहतर तर्क विकसित करने की सलाह दी। प्रतियोगिता में 8 टीमों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और उसके बाद 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंची, जबकि फाइनल मुकाबले में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज मुंबई और विधि संकाय बनस्थली विद्यापीठ राजस्थान की टीम पहुंची। दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह, न्यायमूर्ति विभू बाखरू के साथ ही अभिनव भूषण ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
विज्ञापन
विधि संकाय की ओर से मार्च में होने वाली प्रतियोगिता लॉकडाउन की वजह से स्थगित हो गई थी। दुबारा 26 जून से 28 जून तक इसका आयोजन किया गया। विधि संकाय प्रमुख प्रोफ़ेसर आरपी राय ने बताया कि पहले दिन 15 राज्यों के 18 विधि विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया। 27 जून को सेमीफाइनल के बाद फाइनल में पहुंची दो टीमों के बीच रविवार को प्रतियोगिता का फाइनल हुआ। उद्घाटन सत्र में सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता गीता लूथरा ने छात्रों को कोरोना काल में नए कौशल और बेहतर तर्क विकसित करने की सलाह दी। प्रतियोगिता में 8 टीमों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और उसके बाद 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंची, जबकि फाइनल मुकाबले में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज मुंबई और विधि संकाय बनस्थली विद्यापीठ राजस्थान की टीम पहुंची। दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह, न्यायमूर्ति विभू बाखरू के साथ ही अभिनव भूषण ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
विज्ञापन