भारतमाला परियोजना: सात घंटे में पूरी होगी काशी से कोलकाता की दूरी, बजट में घोषणा से जल्द काम शुरू होने की उम्मीद
बनारस से कोलकाता के बीच करीब 600 किमी लंबे नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। इस आठ लेन के एक्सप्रेसवे के बनने से वाराणसी से कोलकाता की दूरी महज 6 से 7 घंटे में पूरी होगी।
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भारतमाला परियोजना के तहत आम बजट में वाराणसी से कोलकाता के लिए नए एक्सप्रेसवे की घोषणा ने दो महानगरों के बीच के सफर का समय कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बनारस से कोलकाता के बीच करीब 600 किमी लंबे नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा, जो बिहार और झारखंड के कई जिलों से गुजरेगा।
यह नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे 8 लेन का होगा, जिससे उत्तर प्रदेश से बिहार, झारखंड और बंगाल के बीच तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इस आठ लेन के एक्सप्रेसवे के बनने से वाराणसी से कोलकाता की दूरी महज 6 से 7 घंटे में पूरी होगी। काशी-कोलकाता नए एक्सप्रेसवे से चंदौली, भभुआ, सासाराम, औरंगाबाद, बोकारो, रांची, पुरुलिया को अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी।
यहां यह भी बता दें कि बिहार से होकर पटना, कोलकाता और गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है। इससे कई तरह की गतिविधियों को बल मिलेगा। सामानों के परिवहन के साथ रोजगार सृजन के भी अवसर उपलब्ध होंगे। एक राज्य में उत्पादित सामानों की पहुंच आसानी से दूसरे राज्यों और बड़ी मंडियों तक हो सकेगी।
भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू
चंदौली में एक्सप्रेस वे लगभग 22 किमी लंबा होगा। यह पीडीडीयू नगर तहसील के रेवसां से धरौली बिहार बार्डर के बीच से गुजरेगा। यह जिले के 31 गांवों से गुजरेगा। इसके लिए जमीन चिह्नित करके डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके बाद मुआवजा देकर किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
भारतमाला परियोजना का एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 575 किमी है। इसकी चौड़ाई लगभग सौ मीटर से अधिक होगी। इसे बनाने का उद्देश्य देश की दो, बौद्धिक और कभी आर्थिक राजधानी रहे काशी और कोलकाता सीधे जोड़ना है। दो महानगरों के बीच वाया रांची से बनने वाले एक्सप्रेसवे की रूपरेखा तैयार की हो चुकी है। भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हालांकि यह अभी शुरुआती चरण में है।
एसडीएम सदर अविनाश कुमार ने कहा कि एजेंसी के माध्यम से जमीनों को चिह्नित कराया जा रहा है। इसके बाद डीपीआर तैयार कराई जाएगी। इसके बाद गजट प्रकाशित करके लोगों से दावा, आपत्ति मांगी जाएगी। इसके बाद अन्य प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। हालांकि अभी कार्य शुरुआती चरण में है। इसे एनएनच द्वारा ही कराया जाएगा।
जमीन अधिग्रहण के लिए गांव चिह्नित
एक्सप्रेसवे पीडीडीयू नगर के रेवसां, कठौड़ी, बरहुली, हिरामनपुर, लौदा, देबई तथा सदर तहसील के शाहपुर, रेवसां, मद्धुपुर, बहेरा, खुरुहुजा, शिवपुर, अकोढ़ा कला, चनहटा, चुरमुली, सिकंदरपुर, गोरारी, विशुनपुरा, गोवर्धनपुर, जगदीशपुर, नैनपुरा, हरनाथपुर, कांटा, परासी खुर्द, जलालपुर, टीरो, कोल्हई, बेदहा, सवैया महलवार, सवैया पट्टीदारी, धरौली के राजस्व गांव से गुजरेगा।