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पछुआ से बेजार, पुरवाई का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 25 May 2015 02:22 AM IST
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भीषण गरमी ने रविवार को काशी में पिछले 10 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। बाबतपुर में जहां 46. 6 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया, वहीं मौसम के जानकारों ने इसे शहर में 48 डिग्री सेल्सियस तक महसूस किया। झुलसा देने वाली तापलहरी के चलते दोपहर के वक्त पैदल तो दूर, दो पहिया वाहनों से भी सड़क पर चलने की लोगों ने हिम्मत नहीं जुटाई। दोपहर बाद सड़कों से लेकर घाटों तक सन्नाटा पसरा रहा। पछुआ से बेजार काशीवासियों को पुरवाई बहने का इंतजार है।
चौबीस घंटे के दौरान तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से लोग मुश्किल में आ गए। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री था, वहीं रविवार की शाम 46.6 डिग्री तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री की तुलना में बढ़कर 29.1 डिग्री पर पहुंच गया। आग उगलते सूरज की तपिश के चलते लोग जरूरी काम के लिए घरों से नहीं निकल सके।
वहीं, गंगा किनारे दशाश्वमेध घाट से लेकर अस्सी घाट तक जहां हर वक्त चहल -पहल रहती है, वहीं दोपहर के वक्त इन घाटों पर सन्नाटा पसर गया। सड़कों पर भी यही आलम था। लंका, डीएलडब्ल्यू मार्ग, नदेसर-अंधरापुल मार्ग, लहुराबीर-मैदागिन के अलावा शहर के कई इलाकों की सड़कें तपती दोपहरी में सूनी नजर आईं।
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चौबीस घंटे के दौरान तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से लोग मुश्किल में आ गए। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री था, वहीं रविवार की शाम 46.6 डिग्री तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री की तुलना में बढ़कर 29.1 डिग्री पर पहुंच गया। आग उगलते सूरज की तपिश के चलते लोग जरूरी काम के लिए घरों से नहीं निकल सके।
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वहीं, गंगा किनारे दशाश्वमेध घाट से लेकर अस्सी घाट तक जहां हर वक्त चहल -पहल रहती है, वहीं दोपहर के वक्त इन घाटों पर सन्नाटा पसर गया। सड़कों पर भी यही आलम था। लंका, डीएलडब्ल्यू मार्ग, नदेसर-अंधरापुल मार्ग, लहुराबीर-मैदागिन के अलावा शहर के कई इलाकों की सड़कें तपती दोपहरी में सूनी नजर आईं।
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