क्रिसमस : इस बार 300 क्विंटल केक गटक जाएंगे बनारसी, यहां से जॉर्डन और ऑस्ट्रेलिया भी जाएगी बड़ी खेप; जानें खास
Varanasi News : क्रिसमस और अंग्रेजी नववर्ष को लेकर बनारस में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। खास यह कि केक बनाने वाले कारिगर अब ओवरटाइम कर ज्यादा से ज्यादा माल तैयार करने में लग गए हैं। इस बार विभिन्न कारखानों में 300 क्विंटल से ज्यादा केक तैयार किए जा रहे हैं।
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बनारस में बने क्रिसमस केक जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल तक जाएंगे। बेकरी के कारखाने में यूरोपियन सहित विभिन्न तरह के केक तैयार किए जा रहे हैं। काशी से करीब 50 किलो केक इसी हफ्ते भेजे जाएंगे। यहां के बने खास केक के लिए पूर्वांचल सहित मुंबई, दिल्ली, गोवा जैसे शहरों से भी ऑर्डर आए हैं। इस बार क्रिसमस पर काशी में 300 क्विंटल से अधिक के केक काटे जाएंगे।
क्रिसमस पर मसीही समुदाय में खास तौर से यूरोपियन केक काटे जाते हैं। क्रिसमस के लिए खास तौर पर केक तैयार करने का जिम्मा प्रमुख रूप से शहर की चार बेकरी पर रहता है। पिछले पीढि़यों से वो ये काम कर रहे हैं। कचहरी, सदर बाजार, चौकाघाट, सुंदरपुर में इनकी बेकरी है।
सदर बाजार स्थित बेकरी के संचालक मोहम्मद शाह आलम उर्फ कज्जू, फरीद रहमान उर्फ काजू ने बताया कि क्रिसमस केक के फ्लेवर अलग होते हैं। इसलिए विदेशों में रहने वाले यहां से केक मंगवाते हैं। इस बार जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल केक भेजे जाएंगे। इन दिनों उनकी बेकरी में रोज पांच से 10 क्विंटल केक तैयार हो रहे हैं। ज्यादातर अखरोट, रम और ड्राईफ्रूट केक की मांग होती है। इसके अलावा चाॅकलेट और वनीला फ्लेवर की भी बिक्री होती है।
ईरानी किशमिश, गरम मसाले समेत 20 तरह की सामग्री से बनती है केक
बनारस की कई दशक पुरानी बेकरी अंग्रेजी शासनकाल से चली आ रही है। इसलिए उनके बनाने के हुनर के मसीही मुरीद हैं। फरीद ने बताया कि क्रिसमस केक 20 से ज्यादा तरह की सामग्री से तैयार की जाती है। ईरानी किशमिश, अखरोट, कोकोनट, मिक्स ड्राई फ्रूट, रम, ऑरेंज, एप्पल, चाकलेट समेत कई सामग्रियां इसमें डाली जाती हैं। पांच किलो का केक 1500 से दो हजार रुपये में तैयार होता है।
कनाडा, जर्मनी और हांगकांग भेजे गए लकड़ी के सेंटा
क्रिसमस पर बनारस से कनाडा, जर्मनी और हांगकांग के चर्चों में लगाने के लिए लकड़ी के सैंटा क्लाज और क्रिसमस ट्री भी भेजे गए हैं। नेशनल एवार्डी रामेश्वर सिंह ने बताया कि इन देशों में वॉल हैंगिंग भी भेजे गए हैं। वहां के गिरजाघरों में सजावट के लिए लकड़ी के सजावटी चीजों की मांग की गई थी। कुल 10 लाख रुपये का ऑर्डर आया था।