बलिया के चर्चित खाद्यान्न घोटाले में वांछित तत्काली बीडीओ गिरफ्तार, 15 साल पहले किया था लाखों का गबन
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बलिया जिले के वर्ष 2002-2005 के बीच के चर्चित खाद्यान्न घोटाले में वांछित तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और जौनपुर के चंदवक थाना के मढ़ी गांव निवासी रामफेर राम को मंगलवार को वाराणसी के भोजूबीर से गिरफ्तार किया गया। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की वाराणसी इकाई के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद पिछले पांच साल से रामफेर अमेठी जिले के करमौली क्षेत्र में छुप कर रह रहा था।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि रामफेर वर्ष 2002 से 2005 के दौरान बलिया के हनुमानगंज ब्लॉक पर खंड विकास अधिकारी के पद पर नियुक्त था। केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत इस ब्लॉक के विभिन्न गांवों में अति निर्धन, गरीब बच्चों के माता-पिता को रोजगार देकर खाद्यान्न और नगद धनराशि का भुगतान किया जाना था।
इस योजना के तहत मिट्टी गिराना, नाली निर्माण, खड़ंजा, पटरी मरम्मत, संपर्क मार्ग, सीसी और पुलिया निर्माण का काम कराया गया। बीडीओ ने अधिकारियों और कोटेदारों से मिलकर पेमेंट आर्डर, मस्टर रोल और खाद्यान्न वितरण रजिस्टर में मजदूरों के फर्जी हस्ताक्षर बनवाए थे। मस्टर रोल में मजदूरों का फर्जी नाम और पता भी लिखा गया।
इसके जरिए लगभग 14.50 लाख रुपये का खाद्यान्न और 15.80 लाख रुपये नगद गबन किए गए। रामफेर के खिलाफ वर्ष 2006 में बलिया जिले के सुखपुरा थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में इसकी जांच प्रदेश सरकार में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की वाराणसी इकाई को सौंप दी थी।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की वाराणसी इकाई के पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार द्वारा निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम में शामिल निरीक्षक अरविंद कुमार, आरक्षी शशिकांत सिंह और आरक्षी विनीत पांडेय ने रामफेर को गिरफ्तार किया।