विध्वंस मामला: अशोक सिंहल, कल्याण सिंह के मुकदमे की पैरवी करने वाले वकील लाल बहादुर सिंह ने जताई खुशी
1992 में अयोध्या में कारसेवकों द्वारा विवादित ढांचे को ढहा देने की घटना ने पूरे देश की राजनीति को ही बदल दिया था। इस मामले में 32 लोगों के खिलाफ 28 साल से मुकदमा चल रहा था। बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया।
मामले में अशोक सिंघल और कल्याण सिंह जैसे दिग्गजों के मुकदमे की पैरवी करने वाले आजमगढ़ जिले के विद्वान अधिवक्ता लाल बहादुर सिंह ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि हम आश्वस्त थे, पता था कि कोर्ट का फैसला हमारे हक में ही आएगा।
अयोध्या विध्वंस केस में 28 साल तक चले इस मुकदमे में 32 लोग आरोपी थे। जिसमें अशोक सिंहल, कल्याण सिंह, राजमाता सिंधिया, साध्वी ऋतंभरा, महंत अवैद्यनाथ के मुकदमे की पैरवी जिले के विद्वान अधिवक्ता लाल बहादुर सिंह कर रहे थे। बुधवार को कोर्ट का फैसला आया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था।
उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र को न्याय मिला है। देर भले ही हुई लेकिन अंधेर नहीं वास्तविक निर्णय आया। लाखों लोगों ने विवादित ढांचे को ढहाया लेकिन कांग्रेस ने कुछ लोगों को मुकदमे में फंसाया था। जो 28 वर्षों से इसकी सजा भुगत रहे थे। आज उन सबको न्याय मिला है। कोर्ट ने विपक्षियों द्वारा प्रस्तुत सारे सबूतों का नकार दिया।
उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही आश्वस्त थे। हमें विश्वास था कि कोर्ट का फैसला हमारे हक में होगा। आखिर वही हुआ भी। कोर्ट ने न्यायपालिका में जनता के विश्वास को उठने नहीं दिया। आज हमें एक सुखद अनुभूति हो रही है। आखिरकार 28 सालों के लंबे संघर्ष के बाद हमें न्याय मिला।