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बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में छह घंटे राजोपचार यज्ञ
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Mon, 04 Apr 2016 01:22 AM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर
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बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में रविवार को विश्व कल्याण की कामना से छह घंटे तक राजोपचार यज्ञ चला। इस दौरान गर्भगृह के दो द्वार बंद कर दिए गए थे। गर्भगृह में विशेष पूजा के चलते भक्तों की लंबी कतार दिन भर लगी रही। शाम को मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने भी इस यज्ञ में आहुति दी। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि गर्भगृह में इस यज्ञ के लिए अनुमति दी गई थी लेकिन आम दर्शनार्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो और दर्शन -पूजन चलता रहे, इसके लिए उत्तरी और पश्चिमी द्वारों को खोला गया था।
काशी के सिद्ध संत शिव शंकर चैतन्य भारती महाराज ने बाबा के गर्भगृह में राजोपचार यज्ञ किया। मंदिर में भोग आरती के बाद संगीतमय माहौल में यज्ञ दिन के एक बजे आरंभ हुआ। इस दौरान बाबा के दरबार में सविधि वेद की ऋचाओं के सस्वर पाठ गूंज रहे थे। मंगला आरती के पर्यवेक्षक प्रो. सुधांशु शेखर शास्त्री के अलावा अर्चक नीरज पांडेय, बचाऊ महाराज समेत कई वरिष्ठ पुजारियों और बटुकों ने इस यज्ञ में हिस्सा लिया। इस दौरान दक्षिणी और पूर्वी द्वारों से भक्तों की आवाजाही रोक दी गई थी।
भक्तों को पश्चिमी द्वार से बाबा के दरबार में प्रवेश करने और उत्तरी द्वार से निकलने का रास्ता दिया गया था लेकिन भीड़ के दबाव के चलते लंबी कतार लग गई थी। शाम छह बजे मंडलायुक्त ने सपत्नीक यज्ञ में पहुंचकर आहुति दी। सप्तर्षि आरती के लिए तैयारी शुरू होने तक यज्ञ की पूर्णाहुति कर दी गई। भारती जी महाराज प्रतिवर्ष लोक मंगल के लिए बाबा के गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान कराते रहे हैं।
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काशी के सिद्ध संत शिव शंकर चैतन्य भारती महाराज ने बाबा के गर्भगृह में राजोपचार यज्ञ किया। मंदिर में भोग आरती के बाद संगीतमय माहौल में यज्ञ दिन के एक बजे आरंभ हुआ। इस दौरान बाबा के दरबार में सविधि वेद की ऋचाओं के सस्वर पाठ गूंज रहे थे। मंगला आरती के पर्यवेक्षक प्रो. सुधांशु शेखर शास्त्री के अलावा अर्चक नीरज पांडेय, बचाऊ महाराज समेत कई वरिष्ठ पुजारियों और बटुकों ने इस यज्ञ में हिस्सा लिया। इस दौरान दक्षिणी और पूर्वी द्वारों से भक्तों की आवाजाही रोक दी गई थी।
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भक्तों को पश्चिमी द्वार से बाबा के दरबार में प्रवेश करने और उत्तरी द्वार से निकलने का रास्ता दिया गया था लेकिन भीड़ के दबाव के चलते लंबी कतार लग गई थी। शाम छह बजे मंडलायुक्त ने सपत्नीक यज्ञ में पहुंचकर आहुति दी। सप्तर्षि आरती के लिए तैयारी शुरू होने तक यज्ञ की पूर्णाहुति कर दी गई। भारती जी महाराज प्रतिवर्ष लोक मंगल के लिए बाबा के गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान कराते रहे हैं।
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