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संदिग्ध आतंकियों की मदद करने वाले आजमगढ़ के कई लोग अंडरग्राउंड
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:44 PM IST
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- फोटो : FILE PHOTO
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देश में हुए कई सीरियल बम धमाकों के मामले में फरार छह संदिग्ध आतंकियों की मदद करने वाले आजमगढ़ के कई लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं। आजमगढ़ के सरायमीर थाने में पुलिस के हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद वो अंडरग्राउंड हुए हैं। पुलिस और खुफिया विभाग ऐसे लोगों का रिकार्ड खंगालने में जुट गई है।
माना जा रहा कि भूमिगत होने वाले किसी न किसी तरीके से इनकी मदद कर रहे थे। वहीं, संदिग्ध आतंकी जिन गांवों से ताल्लुक रखते हैं, वहां लोग भी परेशान हैं। दिल्ली के बटला एनकाउंटर के बाद भले ही बड़े पैमाने पर सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव के रहने वाले युवकों के नाम की जानकारी हुई।
लेकिन इनसे पहले ही यहां कई समाज विरोधी संगठन सक्रिय रहते हुए अपने मिशन को आगे बढ़ा रहे थे। यहां प्रतिबंधित संगठन सिमी के कई सदस्य और पदाधिकारी रह चुके हैं। हालांकि इनमें से कई ने अपनी दिनचर्या बदल ली, लेकिन अभी भी कई गोपनीय तरीके से सक्रियता बनाए हुए हैं।
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खुफिया विभाग की मानें तो सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी डा. शहनवाज, शादाब उर्फ बड़ा साजिद उर्फ जुनैद चिकना, अबू राशिद, राशिद उर्फ सुल्तान, आसिफ, आफताब आदि ने अपने पुराने साथियों के नक्शे कदम पर चलते हुए इस्लामिक मूवमेंट को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया था। इन लोगों के नाम प्रकाश में आने के बाद से ही सभी फरार हैं।
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माना जा रहा कि भूमिगत होने वाले किसी न किसी तरीके से इनकी मदद कर रहे थे। वहीं, संदिग्ध आतंकी जिन गांवों से ताल्लुक रखते हैं, वहां लोग भी परेशान हैं। दिल्ली के बटला एनकाउंटर के बाद भले ही बड़े पैमाने पर सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव के रहने वाले युवकों के नाम की जानकारी हुई।
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लेकिन इनसे पहले ही यहां कई समाज विरोधी संगठन सक्रिय रहते हुए अपने मिशन को आगे बढ़ा रहे थे। यहां प्रतिबंधित संगठन सिमी के कई सदस्य और पदाधिकारी रह चुके हैं। हालांकि इनमें से कई ने अपनी दिनचर्या बदल ली, लेकिन अभी भी कई गोपनीय तरीके से सक्रियता बनाए हुए हैं।
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खुफिया विभाग की मानें तो सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी डा. शहनवाज, शादाब उर्फ बड़ा साजिद उर्फ जुनैद चिकना, अबू राशिद, राशिद उर्फ सुल्तान, आसिफ, आफताब आदि ने अपने पुराने साथियों के नक्शे कदम पर चलते हुए इस्लामिक मूवमेंट को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया था। इन लोगों के नाम प्रकाश में आने के बाद से ही सभी फरार हैं।
भारत में थी किसी बड़े धमाके की साजिश
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सूत्रों की मानें तो कई लोग फरारी के दौरान भी इनके संपर्क में रहे। हालांकि यह मुलाकात भारत के बाहर होती थी। इन्हीं में से एक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के छाऊ गांव निवासी अबु जैद को पांच नवंबर को मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया। जो भारत में किसी बड़े धमाके की साजिश रच रहा था।
अबु जैद से मिले इनपुट के आधार पर ही फरार इन छह संदिग्धों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, ताकि इन लोगों पर खुफिया विभाग के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी नजर रख सके। पुलिस सूत्रों की मानें तो जैसे ही इन छह आतंकियों की हिस्ट्रीशीट खुलने की जानकारी हुई है, वैसे ही इनके छह से अधिक अन्य समर्थक भूमिगत हो गए हैं।
मामले में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने कहा कि फरार आतंकियों की हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद स्थानीय पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है। इनसे जुड़े इनपुट अन्य खुफिया एजेंसियों के जरिए पुलिस को और पुलिस के जरिए खुफिया विभाग को आदान-प्रदान किए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस को जल्द बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।
अबु जैद से मिले इनपुट के आधार पर ही फरार इन छह संदिग्धों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, ताकि इन लोगों पर खुफिया विभाग के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी नजर रख सके। पुलिस सूत्रों की मानें तो जैसे ही इन छह आतंकियों की हिस्ट्रीशीट खुलने की जानकारी हुई है, वैसे ही इनके छह से अधिक अन्य समर्थक भूमिगत हो गए हैं।
मामले में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने कहा कि फरार आतंकियों की हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद स्थानीय पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है। इनसे जुड़े इनपुट अन्य खुफिया एजेंसियों के जरिए पुलिस को और पुलिस के जरिए खुफिया विभाग को आदान-प्रदान किए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस को जल्द बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।