आजमगढ़: विसर्जन यात्रा के दौरान विवाद, भाजपा नेता और पुलिस में कहासुनी-धक्कामुक्की; अभद्रता का आरोप लगाया
प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान विवाद हो गया। भाजपा नेता ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। आयोजक और थानाध्यक्ष के बीच बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला बढ़ने पर सीओ ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद स्थिति संभली। पुलिस और आयोजकों के बीच विवाद चर्चा में है।
विस्तार
नगर पंचायत माहुल में बुधवार शाम दुर्गा प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर आयोजकों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुजीत जायसवाल उर्फ आशू ने अहरौला थानाध्यक्ष पर डीजे संचालक और श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस ने तेज आवाज में डीजे बजने और सड़क पर आवागमन बाधित होने की बात कही। इस दौरान थानाध्यक्ष और भाजपा नेता के बीच बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सुजीत जायसवाल ने बताया कि माहुल में कुल 14 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। उन्हें समितियों ने संयुक्त विसर्जन यात्रा का अध्यक्ष चुना था। नगर भ्रमण के बाद दो प्रतिमाएं दखिनगांवा विसर्जन के लिए चली गईं, जबकि शेष 12 प्रतिमाओं का विसर्जन अहरौला स्थित तमसा नदी में होना था।
इसी दौरान टिकुरिया के पास थानाध्यक्ष और पूजा समितियों के लोगों के बीच विवाद हो गया। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले डीजे संचालक के साथ मारपीट और अभद्रता की, जिसके विरोध में उन्होंने हस्तक्षेप किया। शाम करीब छह बजे शिवाजी मेन चौक से विसर्जन यात्रा निकली।
आधे घंटे तक हो-हल्ला
यात्रा फूलपुर, केवटाना, सोमवारी बाजार और कुरैशी चौक सहित नगर के विभिन्न मोहल्लों से गुजरी। डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़े। महिलाओं ने जगह-जगह मां दुर्गा की आरती उतारकर विदाई दी। टिकुरिया के पास विवाद बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर विजय सिंह गौर मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति संभाली। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ी और देर रात तमसा नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया।
क्षेत्राधिकारी विजय सिंह गौर ने बताया कि विसर्जन के दौरान सड़क पर वाहनों के रुकने और डीजे की तेज आवाज को लेकर बातचीत हुई थी। भीड़ में उत्साह के दौरान छोटी-मोटी घटनाएं हो जाती हैं। हालांकि, सभी प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा दिया गया।