{"_id":"57e830d54f1c1bf80a57442b","slug":"ayush-entrance-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष डॉक्टर बनने के लिए उमड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष डॉक्टर बनने के लिए उमड़े
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 26 Sep 2016 01:47 AM IST
विज्ञापन
आयुष प्रवेश्ा परीक्षा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के आयुर्वेदिक कॉलेजों में दाखिले के लिए रविवार को बनारस, लखनऊ, कानपुर और बरेली में आयोजित प्रवेश परीक्षा सीपीएटी (कंबाइड प्री आयुष टेस्ट) में 15 हजार एक सौ छप्पन परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। सुबह नौ से बारह बजे तक चली परीक्षा में पंजीकृत 16 हजार छह सौ चौसठ में एक हजार पांच सौ आठ अनुपस्थित रहे। बनारस के केंद्रों पर कुल चार हजार पांच सौ छिहत्तर परीक्षार्थी शामिल हुए।
परीक्षार्थियों को जूता-चप्पल पहनकर परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं थी। अंदर सभी की फोटोग्राफी कराई गई और दाएं हाथ के अंगूठा का निशान लिया गया। राज्य नोडल अधिकारी और कुलसचिव ओमप्रकाश ने केंद्रों का दौरा कर परीक्षा का जायजा लिया। चारों नोडल सेंटरों बनारस, कानपुर, बरेली और लखनऊ कहीं से भी कोई शिकायत नहीं मिली। उधर इलाहाबाद के सुधांशु मिश्र, सुनंदा राज, मिर्जापुर के शुभम मोदनवाल आैर सारनाथ की सुजाता ने बताया कि सबकुछ
ठीक रहा। फिजिक्स के सवालों ने परेशान किया।
विज्ञापन
परीक्षार्थियों को जूता-चप्पल पहनकर परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं थी। अंदर सभी की फोटोग्राफी कराई गई और दाएं हाथ के अंगूठा का निशान लिया गया। राज्य नोडल अधिकारी और कुलसचिव ओमप्रकाश ने केंद्रों का दौरा कर परीक्षा का जायजा लिया। चारों नोडल सेंटरों बनारस, कानपुर, बरेली और लखनऊ कहीं से भी कोई शिकायत नहीं मिली। उधर इलाहाबाद के सुधांशु मिश्र, सुनंदा राज, मिर्जापुर के शुभम मोदनवाल आैर सारनाथ की सुजाता ने बताया कि सबकुछ
विज्ञापन
ठीक रहा। फिजिक्स के सवालों ने परेशान किया।