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एटीएम कैश वैन से रुपये उड़ाने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 20 Apr 2018 08:50 PM IST
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गिरोह का सरगना अरुण कुमार वी
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस के लंका से एटीएम कैश वैन से 26.50 लाख रुपये उड़ाने वाले गिरोह के मास्टर माइंड अरुण कुमार वी को आंध्रप्रदेश के तिरुपति से गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही अरुण के बैंक खाते में जमा किए गए सात लाख तीस हजार दो सौ रुपये को फ्रीज करा दिया गया है। अरुण को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
10 अप्रैल की शाम लंका स्थित यूनियन बैंक के एटीएम के सामने खड़ी कैश वैन से दो बदमाश 26.50 लाख रुपये भरा बॉक्स लेकर भाग निकले थे। पुलिस ने मुगलसराय से तीन आरोपियों को 10 अप्रैल की रात ही साढ़े नौ लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर 11 अप्रैल को जेल भेजा था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि उनके गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ सरगना अरुण बनारस स्थित होटल में ठहरा है और कैश वैन से उड़ाए गए रुपये अपने बैंक खाते में जमा करेगा।
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एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्त में आए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह और एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के नेतृत्व में टीम गठित कर शहर के होटलों की चेकिंग शुरू कराई गई। साथ ही, बैंकों से पूछा गया कि 11 अप्रैल के बाद किसी दक्षिण भारतीय ने यदि अपने खाते में अच्छीखासी रकम जमा की हो तो जानकारी दें।
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10 अप्रैल की शाम लंका स्थित यूनियन बैंक के एटीएम के सामने खड़ी कैश वैन से दो बदमाश 26.50 लाख रुपये भरा बॉक्स लेकर भाग निकले थे। पुलिस ने मुगलसराय से तीन आरोपियों को 10 अप्रैल की रात ही साढ़े नौ लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर 11 अप्रैल को जेल भेजा था।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि उनके गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ सरगना अरुण बनारस स्थित होटल में ठहरा है और कैश वैन से उड़ाए गए रुपये अपने बैंक खाते में जमा करेगा।
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एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्त में आए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह और एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के नेतृत्व में टीम गठित कर शहर के होटलों की चेकिंग शुरू कराई गई। साथ ही, बैंकों से पूछा गया कि 11 अप्रैल के बाद किसी दक्षिण भारतीय ने यदि अपने खाते में अच्छीखासी रकम जमा की हो तो जानकारी दें।
गैंग देश भर में ऐसे ही करती है काम
यूपी पुलिस
तफ्तीश के दौरान ही पता लगा कि शिवपुर स्थित एक्सिस बैंक में एक दक्षिण भारतीय ने अपने खाते में सात लाख से ज्यादा रुपये जमा किए हैं। बैंक की फुटेज देखी गई तो दक्षिण भारतीय आरोपी की तस्दीक हो गई।
उसका खाता फ्रीज कराया गया तो उसने बैंक मैनेजर को फोन कर पूछा। बैंक मैनेजर ने अरुण को उसके खाते से संबंधित बैंक जाकर संपर्क करने को कहा। अरुण तिरुपति स्थित बैंक की शाखा पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद लंका पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और वापस शहर लौट आई।
अरुण ने पूछताछ में बताया कि तिरुचिरापल्ली का उसका गिरोह देश भर में सिर्फ एटीएम कैश वैन और बैंक से रुपये लेकर निकलने वालों को निशाना बनाता है। इसके लिए पहले स्थान का चयन किया जाता है और फिर भागने के रास्ते तलाशे जाते हैं।
इसके बाद सवारी वाहन की बुकिंग की जाती है और फिर तब बगैर असलहे या किसी हथियार के वारदात को अंजाम दिया जाता है। बताया कि गिरोह के सदस्य शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्थित होटलों में कमरे लेते हैं। बोलचाल में होटल कर्मियों से अंग्रेजी में बात करने पर किसी को शक भी नहीं होता है।
उसका खाता फ्रीज कराया गया तो उसने बैंक मैनेजर को फोन कर पूछा। बैंक मैनेजर ने अरुण को उसके खाते से संबंधित बैंक जाकर संपर्क करने को कहा। अरुण तिरुपति स्थित बैंक की शाखा पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद लंका पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और वापस शहर लौट आई।
अरुण ने पूछताछ में बताया कि तिरुचिरापल्ली का उसका गिरोह देश भर में सिर्फ एटीएम कैश वैन और बैंक से रुपये लेकर निकलने वालों को निशाना बनाता है। इसके लिए पहले स्थान का चयन किया जाता है और फिर भागने के रास्ते तलाशे जाते हैं।
इसके बाद सवारी वाहन की बुकिंग की जाती है और फिर तब बगैर असलहे या किसी हथियार के वारदात को अंजाम दिया जाता है। बताया कि गिरोह के सदस्य शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्थित होटलों में कमरे लेते हैं। बोलचाल में होटल कर्मियों से अंग्रेजी में बात करने पर किसी को शक भी नहीं होता है।