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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Astrologer said inauspicious signs for the country and the world due to the formation of Shagragi Yoga

षड्ग्रही योग बनने से देश-दुनिया के लिए अशुभ संकेत, 9 फरवरी तक मकर राशि में रहेंगे पांच ग्रह

Fri, 05 Feb 2021 12:08 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Fri, 05 Feb 2021 12:08 PM IST
सार

  • दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 में ऐसी ग्रह-स्थिति के कारण दिल्ली दंगे और कोरोना से परेशान रहा देश
  • इन ग्रहों के कारण बड़े पद पर मौजूद नेता और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तनाव और बदलाव का समय होता है

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Astrologer said inauspicious signs for the country and the world due to the formation of Shagragi Yoga
सौरमंडल के ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

विस्तार

चार से नौ फरवरी तक आकाश मंडल में पांच ग्रहों का योग रहेगा। इस समय मकर राशि में सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र और शनि रहेंगे। वहीं, 10 और 11 फरवरी को चंद्रमा भी मकर राशि में आ जाएगा। इससे षड्ग्रही योग बनेगा। साथ ही हिंदू कैलेंडर के माघ महीने में पांच शुक्र और पांच शनिवार आ रहे हैं। वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र  का कहना है कि ग्रह-नक्षत्रों की ये स्थिति अनचाही घटनाओं की ओर इशारा कर रही है। सितारों की इस स्थिति का अशुभ असर देश-दुनिया पर पड़ सकता है।

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ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र  का कहना है कि प्राकृतिक आपदा और बड़े राजनीतिक बदलाव के योग सितारों की वजह से किसी खास इंसान का निधन हो सकता है। उपद्रव, भूकंप, तूफान या प्राकृतिक आपदा से देश में परेशानी बढ़ सकती है। मौसम में अचानक बदलाव होगा। देश के कुछ हिस्सों में बारिश होने के भी योग बन रहे हैं। मकर राशि में मौजूद शनि, सूर्य, शुक्र एवं नीच राशि का गुरु होने से राजनेताओं के लिए संघर्षपूर्ण स्थिति बनाएगा। प्रधान नेताओं को देश की धार्मिक एवं सांप्रदायिक समस्याओं से निपटने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। बाजार में विशेष उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। तेल, तिलहन, गुड़, चीनी, दाल, मोटे अनाज के दाम भी कम हो सकते हैं। कीमती धातुओं के बाजार में भी मंदी आ सकती है।

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तकरीबन हर साल बनती है ग्रहों की ऐसी स्थिति

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तकरीबन हर साल ऐसा होता है जब एक ही राशि में पांच ग्रह आ जाते हैं।  सूर्य हर महीने राशि बदलता है। ज्योतिष में बुध और शुक्र को अनुचर ग्रह कहा जाता है। यानी ये दोनों ग्रह सूर्य के आसपास ही रहते हैं। कई बार ऐसा होता है जब ये एक ही राशि में आ जाते हैं। इनके अलावा चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है। ये चारो ग्रह एक साल में हर राशि से होकर गुजरते हैं। इस दौरान जब मंगल, शनि, बृहस्पति या राहु-केतु के साथ ये आते हैं तो पंचग्रही योग बन जाता है।

सालों में बनता है षड्ग्रही योग

ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र  ने बताया कि पांच ग्रहों का योग तो तकरीबन हर साल बनता है, लेकिन कई सालों में एक बार ऐसा होता है जब छह ग्रह एक ही राशि में आ जाएं। ऐसी ग्रह स्थिति को षड्ग्रही योग कहा जाता है। ज्योतिष ग्रंथों में इस योग को अशुभ फल देने वाला माना जाता है। मयूरचित्रकम सहित कुछ संहिता ग्रंथों में कहा गया है कि जब एक ही राशि में छह ग्रह आ जाए तो दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। प्राकृतिक आपदाएं और मौसम में अचानक बदलाव होने लगता है। इन ग्रहों के कारण राजा यानी बड़े पद पर मौजूद लोग, बड़े नेता और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तनाव और बदलाव का समय होता है। 

इससे पहले पांच ग्रहों का योग

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पिछले साल 10 जनवरी 2020 को चंद्र ग्रहण के साथ धनु राशि में सूर्य, बुध, गुरु, शनि और केतु एक साथ थे। इसके चलते देश में अराजकता फैली थी। आंदोलन हुए थे। देश की जनता में असंतुष्टि थी। इन ग्रहों के अशुभ असर से ही राजधानी दिल्ली में दंगे हुए थे। इसके पहले 26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण के साथ धनु राशि में सूर्य, बुध, गुरु, शनि, केतु और चंद्रमा एक साथ आए थे। इससे षड्ग्रही योग बना था। ज्योतिषीयों की मानें तो ग्रहों की इस अशुभ स्थिति से आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा।

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