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अप्रैल से नहीं मिलेंगे सब्सिडी वाले सिलेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2014 02:10 AM IST
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वाराणसी। एक जनवरी से रसोई गैस उपभोक्ताओं की सब्सिडी की रकम सीधे खाते में जाएगी। हालांकि तीन महीने यानी मार्च तक सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते रहेंगे लेकिन एक अप्रैल से इसे बंद कर दिया जाएगा। तब गैस सिलेंडर का पूरा शुल्क (नॉन सब्सिडाइज रेट) देना होगा। यह जानकारी इंडियन ऑयल के डायरेक्टर (मार्केटिंग) मकरंद नेने ने शुक्रवार को बाबतपुर स्थित बाटलिंग प्लांट में पत्रकारों को दी।
डायरेक्टर मार्केटिंग ने बताया कि डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ऑफ एलपीजी) योजना को एक जून 2013 को शुरू किया गया था लेकिन कुछ व्यावहारिक दिक्कतों के चलते इसे अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया था। बाद में शासन, प्रशासन और इस योजना से जुड़े बैंकिंग आदि सेक्टरों ने मिलकर समस्याओं पर मंथन किया। दांडे कमेटी ने पूरे देश में सर्वे किया, सुझाव आए।
इन सुझावों के साथ 676 जिलों में एक साथ एक जनवरी से इस स्कीम की रीलांचिंग की जाएगी, जिसका नाम ‘पहल’ रखा गया है। शुरुआती तीन महीने तक ग्रेस पीरियड चलेगा जिसके अंतर्गत उन लोगों को भी सब्सिडाइज सिलेंडर मिलता रहेगा जो इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हो सकेंगे। एक अप्रैल से सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलने बंद हो जाएंगे।
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इसके बाद अप्रैल से जून तक उपभोक्ताओं के लिए तीन महीने का पार्किगिं पीरियड चलेगा, जिसमें वह घरेलू गैस सिलेंडर बाजार रेट पर खरीदेंगे लेकिन जैसे ही वह डीबीटीएल योजना के तहत इनरोल होंगे, पहले लिए गए सभी घरेलू गैस सिलेंडरों की सब्सिडी उनके खाते में आ जाएगी।
एक जुलाई को डेडलाइन तय की गई है, जिसके बाद ऐसे उपभोक्ता जो डीबीटीएल योजना का हिस्सा नहीं बने हैं उन्हें किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि डीबीटीएल स्कीम के लागू होने के बाद सिलेंडरों में कम गैस होने, लीकेज और वितरण में गड़बड़ी से जुड़ी समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी।
यह भी बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के रेट में उतार-चढ़ाव के साथ ही सब्सिडी भी परिवर्तित होती रहेगी। इस दौरान इंडियन ऑयल के महाप्रबंधक उत्तर प्रदेश यूपी सिंह, राजीव रंजन, जयदीप मिश्रा उपस्थित रहे।
ऐसे जुड़ें डीबीटीएल योजना से
वाराणसी। अगर आपके पास आधार नंबर है तो अपने बैंक और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर दोनों को उपलब्ध कराएं। अगर आपके पास आधार नंबर नहीं है तो अपने बैंक अकाउंट का विवरण एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को दें या फिर अपना एलपीजी आईडी अपने बैंक को दे सकते हैं जहां यह सुविधा है।
केंद्र से उन सभी राज्य के मुख्यमंत्रियाें को पत्र लिखा गया है जहां अभी यह लागू नहीं हो सका है। इस स्कीम को सफल बनाने के लिए जिलों में स्कीम कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं जो जिलाधिकारी, बैंक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे।
खाते में पहले ही पहुंच जाएगा सब्सिडी का पैसा
वाराणसी। डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर ऑफ एलपीजी) योजना के तहत इनरोल उपभोक्ता जैसे ही एजेंसी में गैस सिलेंडर बुक कराएंगे, सब्सिडी का पैसा (568 रुपये) उनके एकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। सिलेंडर जब घर डिलीवर होगा उससे पहले ही एकाउंट में पैसा मौजूद रहेगा।
सब्सिडी का पैसा आया या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ता सीटीसी (कैश ट्रांसफर कंपलेंट) स्टेटस वेबसाइट www.mylpg.in पर चेक कर सकते हैं।
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डायरेक्टर मार्केटिंग ने बताया कि डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ऑफ एलपीजी) योजना को एक जून 2013 को शुरू किया गया था लेकिन कुछ व्यावहारिक दिक्कतों के चलते इसे अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया था। बाद में शासन, प्रशासन और इस योजना से जुड़े बैंकिंग आदि सेक्टरों ने मिलकर समस्याओं पर मंथन किया। दांडे कमेटी ने पूरे देश में सर्वे किया, सुझाव आए।
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इन सुझावों के साथ 676 जिलों में एक साथ एक जनवरी से इस स्कीम की रीलांचिंग की जाएगी, जिसका नाम ‘पहल’ रखा गया है। शुरुआती तीन महीने तक ग्रेस पीरियड चलेगा जिसके अंतर्गत उन लोगों को भी सब्सिडाइज सिलेंडर मिलता रहेगा जो इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हो सकेंगे। एक अप्रैल से सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलने बंद हो जाएंगे।
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इसके बाद अप्रैल से जून तक उपभोक्ताओं के लिए तीन महीने का पार्किगिं पीरियड चलेगा, जिसमें वह घरेलू गैस सिलेंडर बाजार रेट पर खरीदेंगे लेकिन जैसे ही वह डीबीटीएल योजना के तहत इनरोल होंगे, पहले लिए गए सभी घरेलू गैस सिलेंडरों की सब्सिडी उनके खाते में आ जाएगी।
एक जुलाई को डेडलाइन तय की गई है, जिसके बाद ऐसे उपभोक्ता जो डीबीटीएल योजना का हिस्सा नहीं बने हैं उन्हें किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि डीबीटीएल स्कीम के लागू होने के बाद सिलेंडरों में कम गैस होने, लीकेज और वितरण में गड़बड़ी से जुड़ी समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी।
यह भी बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के रेट में उतार-चढ़ाव के साथ ही सब्सिडी भी परिवर्तित होती रहेगी। इस दौरान इंडियन ऑयल के महाप्रबंधक उत्तर प्रदेश यूपी सिंह, राजीव रंजन, जयदीप मिश्रा उपस्थित रहे।
ऐसे जुड़ें डीबीटीएल योजना से
वाराणसी। अगर आपके पास आधार नंबर है तो अपने बैंक और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर दोनों को उपलब्ध कराएं। अगर आपके पास आधार नंबर नहीं है तो अपने बैंक अकाउंट का विवरण एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को दें या फिर अपना एलपीजी आईडी अपने बैंक को दे सकते हैं जहां यह सुविधा है।
केंद्र से उन सभी राज्य के मुख्यमंत्रियाें को पत्र लिखा गया है जहां अभी यह लागू नहीं हो सका है। इस स्कीम को सफल बनाने के लिए जिलों में स्कीम कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं जो जिलाधिकारी, बैंक अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे।
खाते में पहले ही पहुंच जाएगा सब्सिडी का पैसा
वाराणसी। डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर ऑफ एलपीजी) योजना के तहत इनरोल उपभोक्ता जैसे ही एजेंसी में गैस सिलेंडर बुक कराएंगे, सब्सिडी का पैसा (568 रुपये) उनके एकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। सिलेंडर जब घर डिलीवर होगा उससे पहले ही एकाउंट में पैसा मौजूद रहेगा।
सब्सिडी का पैसा आया या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ता सीटीसी (कैश ट्रांसफर कंपलेंट) स्टेटस वेबसाइट www.mylpg.in पर चेक कर सकते हैं।