ज्ञानवापी मार्ग पर गेट लगाने का मामला: प्रशासन के वादे पर ऐतबार नहीं, गांधीवादी तरीके से करेंगे विरोध
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की बैठक में चार प्रस्ताव पास हुए। इस दौरान ज्ञानवापी मार्ग पर लगने वाले गेट के मामले में मुस्लिम समाज को प्रशासन पर ऐतबार नहीं है।
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काशी विश्वनाथ धाम में ज्ञानवापी मार्ग पर लगने वाले गेट के मामले में मुस्लिम समाज और अंजुमन इंतेजामिया को प्रशासन पर ऐतबार नहीं है। प्रशासन के खिलाफ कमेटी गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज कराएगी। रविवार को मसाजिद कमेटी की बैठक में 4 प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई और मस्जिद की सुरक्षा और चल रहे वर्तमान संघर्ष के संबंध में कई अहम फैसले भी लिए गए।
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की बैठक मुफ्ती-ए-शहर मौलाना बातिन नोमानी के आवास पर हुई। बैठक में अंजुमन के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने मंदिर प्रशासन द्वारा लगवाए जा रहे गेट पर सख्त एतराज जताया। इस दौरान चार प्रस्ताव पास किए गए। इसमें पहले प्रस्ताव में मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन से इस विवादित गेट को न लगवाने का अनुरोध किया गया और खंभों को तुरंत हटाने का अनुरोध किया गया है।
दूसरे प्रस्ताव में 31 जनवरी 2024 से लेकर 2 अगस्त 2024 तक की समस्त घटनाओं को वर्णित करते हुए एक पत्र वाराणसी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद अखिलेश यादव, चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह और अन्य सेक्युलर पार्टियों के सांसदों को लिखा जाएगा। इसमें अन्यायपूर्ण तथ्यों को अवगत कराते हुए इस मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया जाएगा।
तीसरे प्रस्ताव में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से वार्ता कर इस संबंध में कानूनी कार्यवाही की रूप रेखा तैयार की जाएगी। अधिवक्ताओं संग हुई बातचीत में यह शंका जाहिर की गई है कि गेट लगाकर मस्जिद में नमाजियों की संख्या को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा सकता है।
विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत हो रहा मस्जिद की जमीन का इस्तेमाल
चौथे प्रस्ताव में सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि ज्ञानवापी मस्जिद की जमीन छत्ताद्वार के अधिकतर भूभाग का उपयोग विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत किया जा रहा है। इन तमाम संपत्तियों के कागजात को इकट्ठा करके समस्त संपत्तियों के लिए कानूनी लड़ाई बड़े पैमाने पर लड़ी जाएगी। मुफ्ती मौलाना बातिन नोमानी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद के रास्ते पर गेट नहीं लगाने का आश्वासन प्रशासन ने दिया है। मगर प्रशासन पर हमको एतमाद नहीं है।