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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   An amphitheater built by mortgaging the field players getting ready in Varanasi

वाराणसी: खेत गिरवी रखकर बनवाया अखाड़ा, तैयार हो रही खिलाड़ियों की पौध 

Thu, 15 Oct 2020 01:43 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 15 Oct 2020 01:43 AM IST
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An amphitheater built by mortgaging the field players getting ready in Varanasi
अखाड़ा - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के अदमापुर (महनाग) में युवाओं के कुश्ती लड़ने के लिए सूबेदार यादव ने खेत गिरवी रखकर अखाड़े का निर्माण करवाया। अब इस अखाड़े में प्रतिदिन तीस से ज्यादा खिलाड़ी कुश्ती के दांव पेच सीखते हैं। साथ ही आसपास के लोग व्यायाम करने भी प्रतिदिन आते हैं। सूबेदार यादव प्रतिदिन यहां कुश्ती के दांवपेंच खिलाडि़यों को सिखाते हैं। अब यहां खिलाडि़यों की पौध तैयार हो रही है। क्षेत्र के लोग अब इनके कार्य की सराहना कर रहे हैं।

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परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ में स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के दर्शन के लिए सात साल पहले सूबेदार यादव गए थे। उस दौरान स्वामी जी आश्रम में बने अखाड़े को देखकर इन्होंने अपने गांव में अखाड़े के निर्माण करवाने की योजना बनाई। लोगों से बातचीत की लेकिन कोई सहयोग के लिए तैयार नहीं हुआ।
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वह उन्होंने गांव में ग्राम सभा की जमीन पर कुश्ती लड़ने की प्रैक्टिस कराने लगे। बरसात के दौरान पानी लग जाने से मिट्टी गीली हो जाने पर कुश्ती लड़ने में परेशानी को देख सूबेदार यादव ने अपना खेत गिरवी रखकर पांच लाख रुपये से व्यायामशाला निर्माण शुरू करवाया। बाद में कुछ लोगों ने भी इसमें सहयोग दिया। इसका नाम गुरु दल अखाड़ा रखा गया।

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An amphitheater built by mortgaging the field players getting ready in Varanasi
सूबेदार यादव। - फोटो : अमर उजाला

सूबेदार यादव ने बताया कि अखाड़ा के निर्माण के लिए ग्राम सभा से कोई मदद नहीं मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर व्यायामशाला के सुंदरीकरण एवं चहारदीवारी निर्माण कराने की मांग की गई है। पूर्व प्रधान सत्यनारायण पटेल ने बताया कि व्यायामशाला बनवाने में सूबेदार यादव का योगदान रहा। यह उन्होंने पुनीत कार्य किया है। 

बाहर से प्रशिक्षक बुलाकर ट्रेनिंग दिलवाने का चल रहा प्रयास
सूबेदार यादव ने बताया कि इस अखाड़े से कई खिलाड़ी जिलास्तर की कुश्ती में भाग लेकर जीत चुके हैं। ये अब प्रदेश स्तर की कुश्ती के लिए तैयारी कर रहे हैं। इन खिलाडि़यों को बाहर से प्रशिक्षक बुलाकर ट्रेनिंग दिलवाने का प्रयास चल रहा है। खेल विभाग से भी संपर्क कर सुविधा दिलाने की कवायद चल रही है। इसके साथ ही आसपास के लोगों को शरीर से फिट रहने के लिए व्यायामशाला में आने के लिए प्रेरित किया जाता है।

गांव में अखाड़ा बनने से काफी सहूलियत हो रही है। कुश्ती के दांव सिखाने वाले सीनियर खिलाड़ी काफी सहयोग करते हैं। अभी जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में भाग ले चुका हूं। अब स्तरीय कुश्ती के लिए तैयारी कर रहा हूं। साथ ही आर्मी के लिए तैयारी करने में मदद मिल रही है। -आशीष यादव 

इस अखाड़े में चार साल से नियमित कुश्ती के दांवपेच सीख रहा हूं। पहले खुले में मिट्टी डालकर अखाड़ा बनाकर तैयारी करते थे। ब्लॉक स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में कई बार भाग ले चुका हूं। जिला स्तर की कुश्ती के बाद प्रदेश स्तर की कुश्ती के लिए तैयारी कर रहा हूं। - उमेश यादव 

लगभग साल से अखाड़े में कुश्ती के दांवपेच सीख रहा हूं। अब तक कई जिला स्तरीय कुश्ती दंगल प्रतियोगिता में भाग लेकर कई कुश्ती जीत चुका हूं। अब प्रदेश स्तर कुश्ती खेलने का लक्ष्य है। अखाड़ा बनने से कई सीनियर खिलाड़ी आते हैं। उनसे नए दांव सीखने को मिल रहा है। -राजू यादव 

करीब पांच साल से इस अखाड़े में प्रतिदिन कुश्ती लड़ने आते हैं। अब सुविधा हो गई तो कई सीनियर खिलाड़ी भी आ रहे हैं। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। जिला स्तरीय कुश्ती दंगल प्रतियोगिता में भाग ले चुका हूं। अब प्रदेश स्तर कुश्ती खेलने की तैयारी कर रहा हूं। - शमशेर यादव

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