Varanasi News : अमन कबीर ने की परिवार की मदद, लाश ले जाने के लिए नहीं थे रुपये; ऐसे मिली सहायता
काशी घूमने आया आदिवासी परिवार व्यक्ति की माैत पर काफी स्तब्ध हो गया। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि अब क्या किया जाए। अमन कबीर से बात होने पर उन लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की।
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मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से काशी में दर्शन-पूजन को आए श्रद्धालुओं में शामिल खोम सिंह (40) की माैत हो गई। कारण हार्ट अर्टक बताया जा रहा है। पुलिसवालों ने डेडबाॅडी को मंडलीय अस्पताल कबीरचाैरा भेज दिया। यहां परिवार के लोगों के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे मृतक की लाश को वाहन से गांव ले जा सके।
मायूस परिवार को किसी ने समाजसेवी अमन कबीर का नंबर दिया। बात करने पर अमन ने पूरी बात को समझा। इसके बाद अपने 'एक रुपये मुहिम' के माध्यम से मदद मांगने की कोशिश की। एंबुलेंस ने 1300 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश स्थित झाबुआ जिले में जाने के लिए एक लाख रुपये मांगे।
रेड क्राॅस सोसायटी ने की मदद
अमन के इस काम में रेड क्राॅस सोसायटी के लोगों ने मदद की। आदिवासी परिवार की सहायता की गई। एक एंबुलेंस कर्मी से बातचीत कर 35 हजार रुपये में उसे तैयार किया गया। उसने भी परिवार की माली हालत को समझा।
बतादें कि परिवार के लोगों से यहीं पर अंतिम संस्कार करने के लिए कहा गया गया था, लेकिन वे आदिवासी परंपरा से इस कार्य को करना चाहते थे तो अधिकारियों ने भी उनकी बातों और संवेदनाओं को समझा।
एंबुलेंस चालक राजकुमार ने बताया कि गुरुवार की शाम तकरीबन पांच बजे वह बनारस से डेडबाॅडी और परिवार को लेकर मध्य प्रदेश के लिए निकल गया। लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी है। सड़क पर ट्रैफिक भी कम ही थी। इसलिए हो सकता है कि अगले दिन समय से पहले ही वहां पहुंच जाऊं।