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Varanasi News: जिला महिला अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप, फार्म पर मेल काट कर लिखा फीमेल; परिजनों का हंगामा

Wed, 19 Aug 2026 08:56 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 19 Aug 2026 08:56 PM IST
सार

Varanasi News: कबीरचौरा स्थित जिला महिला अस्पताल के एमसीएच विंग में बच्चा बदलने का आरोप लगाकर परिजनों ने मंगलवार को हंगामा किया। परिजनों ने दस्तावेज में मेल काटकर फीमेल लिखे जाने पर सवाल उठाए। पुलिस ने मामला शांत कराया। एमसीएच विंग के सीएमएस ने आरोप खारिज करते हुए बताया कि बच्ची ही जन्मी थी और कागज में मेल लिखना पैरामेडिकल स्टाफ की गलती थी।

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Allegation baby swap District Women Hospital Varanasi Male crossed out Female written form family ruckus
मंडलीय अस्पताल में मरीजों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा कैंपस स्थित 100 बेड वाले एमसीएच विंग में मंगलवार को बच्चा बदलने का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि प्रसव के बाद उन्हें बच्चा नहीं दिखाया गया। अस्पताल की ओर से मिले कागज में पहले मेल (लड़का) लिखा था, जिसे बाद में काटकर फीमेल (लड़की) कर दिया गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

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प्रहलाद घाट निवासी आकाश साहनी ने बताया कि उन्होंने अपने मामा के बेटे सूरज साहनी की पत्नी सोनी को प्रसव के लिए 17 अगस्त को एमसीएच विंग में भर्ती कराया था। आकाश के अनुसार, प्रसव के दौरान परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन उन्हें बच्चा नहीं दिखाया गया। कुछ देर बाद बाहर आई स्वास्थ्य कर्मी ने बच्चे की तबीयत खराब होने की बात कहते हुए उसे एनआईसीयू में भर्ती किए जाने की जानकारी दी।

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आकाश ने बताया कि सूरज जब बच्चे को देखने के लिए गया तो उसे बताया गया कि 17 अगस्त को बेटा हुआ है। परिवार के लोगों ने एनआईसीयू में जाकर बच्चे को देखने की इच्छा जताई, लेकिन उन्हें वहां जाने से रोक दिया गया। इसके बाद परिजनों को अस्पताल के दस्तावेज में भी गड़बड़ी नजर आई। कागज पर पहले मेल लिखा था, जिसे काटकर फीमेल कर दिया गया था। इसे लेकर परिजनों ने सवाल उठाते हुए बच्चा बदलने की आशंका जताई और कार्रवाई की मांग की।

वहीं, एमसीएच विंग के सीएमएस डॉ. आरएन विश्वकर्मा ने बच्चा बदलने के आरोप को खारिज किया। उन्होंने बताया कि महिला ने लड़की को जन्म दिया था और ओटी के बाहर उसके पिता को बच्ची गोद में दी गई थी। इसकी फोटो भी मौजूद है।

उन्होंने बताया कि एनआईसीयू में ले जाने के दौरान पैरामेडिकल स्टाफ से कागज पर गलती से मेल लिख दिया गया था। बाद में इसे सही करते हुए फीमेल किया गया। इसकी जानकारी परिजनों को भी दी गई थी। एमसीएच विंग का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जा रहा है और इसकी देखरेख की जिम्मेदारी हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के पास है।

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