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बलिया में दो सगे भाइयों को सांप ने डसा, झाड़ फूंक के चक्कर में दोनों की गई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बलिया
Updated Sat, 28 Jul 2018 06:59 PM IST
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अक्षय कुमार (12) व रवि किशन(8) की मौत से पूरा गांव गमगीन, अस्पताल ले जाने से पहले झाड़ फूंक में गंवाया समय
यूपी के बलिया जिले के एक गांव में उस समय कोहराम मच गया, जब एक ही परिवार के दो सगे भाइयों को सांप ने डस लिया। जिस समय सांप ने दोनों भाईयों को डसा तब वह एक ही बिस्तर पर सो रहे थे। अस्पताल ले जाने के बजाए लोग झाड़ फूंक के चक्कर में पड़े जिस कारण दोनों की मौत हो गई।
इसकी जानकारी होते ही पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन हो गया। गांव में चर्चा इस बात की भी थी कि काश दोनों भाइयों को झाड़ फूंक कराने से पहले जिला अस्पताल ले गया होता तो दोनों की जान बच जाती। घटना सुखपुरा थाना क्षेत्र के भरखरा गांव की है।
शुक्रवार की रात भरखरा निवासी राजकुमार राम के दो पुत्र अक्षय कुमार (12) व रवि किशन(8) चारपाई पर मच्छरदानी लगा कर सो रहे थे। देर रात एक जहरीला सांप चारपाई पर चढ़ा और दोनों भाइयों को डस लिया। बच्चों के चिल्लाने की आवाज पाकर परिजनों की भी नींद खुली।
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इसके बाद आसपास के लोगों ने दोनों को पहले अमवां के सती माई स्थान ले गए, जहां झाड़-फूंक के बाद भी हालत नाजुक होता देख दोनों को बिसहर और रतसर मिशन पर ले जाया गया, लेकिन फिर भी हालत सुधारता न देख दोनों को अंतत: जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अक्षय को देखते ही जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं रवि को चार-चार एएसवी लगाने के बाद भी नहीं बचाया जा सका। अपनी आंख के सामने अपने मासूमों को इस तरह खोता देख माता-पिता दोनों बदहवास हो गए।
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यूपी के बलिया जिले के एक गांव में उस समय कोहराम मच गया, जब एक ही परिवार के दो सगे भाइयों को सांप ने डस लिया। जिस समय सांप ने दोनों भाईयों को डसा तब वह एक ही बिस्तर पर सो रहे थे। अस्पताल ले जाने के बजाए लोग झाड़ फूंक के चक्कर में पड़े जिस कारण दोनों की मौत हो गई।
इसकी जानकारी होते ही पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन हो गया। गांव में चर्चा इस बात की भी थी कि काश दोनों भाइयों को झाड़ फूंक कराने से पहले जिला अस्पताल ले गया होता तो दोनों की जान बच जाती। घटना सुखपुरा थाना क्षेत्र के भरखरा गांव की है।
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शुक्रवार की रात भरखरा निवासी राजकुमार राम के दो पुत्र अक्षय कुमार (12) व रवि किशन(8) चारपाई पर मच्छरदानी लगा कर सो रहे थे। देर रात एक जहरीला सांप चारपाई पर चढ़ा और दोनों भाइयों को डस लिया। बच्चों के चिल्लाने की आवाज पाकर परिजनों की भी नींद खुली।
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इसके बाद आसपास के लोगों ने दोनों को पहले अमवां के सती माई स्थान ले गए, जहां झाड़-फूंक के बाद भी हालत नाजुक होता देख दोनों को बिसहर और रतसर मिशन पर ले जाया गया, लेकिन फिर भी हालत सुधारता न देख दोनों को अंतत: जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अक्षय को देखते ही जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं रवि को चार-चार एएसवी लगाने के बाद भी नहीं बचाया जा सका। अपनी आंख के सामने अपने मासूमों को इस तरह खोता देख माता-पिता दोनों बदहवास हो गए।
दोनों लाल को खोकर बेसुध हुए मां-बाप
बच्चों की मौत से हुए रूदन-क्रंदन से पूरा अस्पताल गमगीन हो गया। वहीं मौत की सूचना गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। डा समीर ने बताया कि दोनों बच्चों को लाने में परिजन देर कर चुके थे, जहरीले सांप के डसने के तुरंत बाद परिजनों को जिला अस्पताल लाना चाहिए था, लेकिन झाड़-फूंक में समय गंवा दिए।
इस कारण दोनों को अपनी जान गंवानी पड़ी। राजकुमार खुद तो मजदूरी करता था, लेकिन दोनों बेटे को पढ़ा-लिखाकर अधिकारी बनाने का ख्वाब देखा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सांप ने डसा भी तो दोनों को डस लिया और बेरहम मौत ने छीनी भी तो दोनों को छीन ली।
बड़ा बेटा अक्षय पढ़ाई-लिखाई में तेज होने के साथ ही कक्षा सात का छात्र था। वहीं छोटा पुत्र रवि किशन प्रतिस्पर्धा में तेज तर्रार था। अपनी आंखों के दोनों तारे को लेकर राजकुमार बहुत सारे सपने संजोए थे। मां भी अपनी आंखों से कभी दोनों को दूर नहीं करती थी। लेकिन अचानक इस तरह की हृदय विदारक घटना को दोनों को न सिर्फ झकझोरा, बल्कि रोते-रोते बेसुध भी हो गए।
इस कारण दोनों को अपनी जान गंवानी पड़ी। राजकुमार खुद तो मजदूरी करता था, लेकिन दोनों बेटे को पढ़ा-लिखाकर अधिकारी बनाने का ख्वाब देखा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सांप ने डसा भी तो दोनों को डस लिया और बेरहम मौत ने छीनी भी तो दोनों को छीन ली।
बड़ा बेटा अक्षय पढ़ाई-लिखाई में तेज होने के साथ ही कक्षा सात का छात्र था। वहीं छोटा पुत्र रवि किशन प्रतिस्पर्धा में तेज तर्रार था। अपनी आंखों के दोनों तारे को लेकर राजकुमार बहुत सारे सपने संजोए थे। मां भी अपनी आंखों से कभी दोनों को दूर नहीं करती थी। लेकिन अचानक इस तरह की हृदय विदारक घटना को दोनों को न सिर्फ झकझोरा, बल्कि रोते-रोते बेसुध भी हो गए।