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आगरा विश्वविद्यालय के फर्जी बीएड डिग्रीधारकों की सूची जारी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:04 PM IST
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अागरा विवि
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फर्जी अंकतालिका लगाकर नौकरी कर रहे शिक्षकों की शामत आने वाली है। वर्ष 2004-05 सत्र में हुए इस फर्जीवाड़े के 4570 डिग्रियों की सूची जारी हो गई है। वर्ष 2004-05 के दौरान बीएड करने वाले डिग्री धारकों की हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसआईटी ने जांच की थी।
इसमें 4570 डिग्री फर्जी मिली थीं। शासन के निर्देशानुसार इस डिग्री पर तैनात शिक्षकों को चिह्नित कर उनपर कार्रवाई करनी है। बीएसए ने सभी बीईओ को वर्ष 2004 के बाद आजमगड़ जिले में नियुक्त शिक्षकों की बीएड का प्रमाणित प्रमाणपत्र जमा करने के आदेश दिया है।
वर्ष 2004 के बाद आगरा के भीमराव अंबेडकर विवि से जारी डिग्री के सहारे मंडल में लगभग 20 शिक्षकों के नौकरी पाने की बात कही जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के शैक्षिक सत्र 2004-05 में निर्गत बीएड के फर्जी अभिलेख लगाकर काफी संख्या में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी पाई थी।
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इसका खुलासा पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश पर हुई एसआईटी जांच में हुई है। जांच में कुल 4570 फर्जी प्रमाण-पत्र मिले जिनके आधार पर अभ्यर्थी विभिन्न जिलों में नौकरी कर रहे हैं। फर्जी डिग्रियों की सूची सीडी के जरिए एडी बेसिक आजमगढ़ को भी भेजी है।
इस पर प्रभारी बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 2004 के बाद जिले में नियुक्त किए गए शिक्षकों से बीएड की प्रमाणित प्रमाण-पत्र एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इसके बाद एडी बेसिक की ओर से सभी प्रमाण-पत्रों की जांच और शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची से मिलान कराया जाएगा।
मामले में एडी बेसिक योगेंद्र कुमार ने कहा शासन की ओर से जारी सूची के अनुसार सभी बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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इसमें 4570 डिग्री फर्जी मिली थीं। शासन के निर्देशानुसार इस डिग्री पर तैनात शिक्षकों को चिह्नित कर उनपर कार्रवाई करनी है। बीएसए ने सभी बीईओ को वर्ष 2004 के बाद आजमगड़ जिले में नियुक्त शिक्षकों की बीएड का प्रमाणित प्रमाणपत्र जमा करने के आदेश दिया है।
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वर्ष 2004 के बाद आगरा के भीमराव अंबेडकर विवि से जारी डिग्री के सहारे मंडल में लगभग 20 शिक्षकों के नौकरी पाने की बात कही जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के शैक्षिक सत्र 2004-05 में निर्गत बीएड के फर्जी अभिलेख लगाकर काफी संख्या में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी पाई थी।
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इसका खुलासा पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश पर हुई एसआईटी जांच में हुई है। जांच में कुल 4570 फर्जी प्रमाण-पत्र मिले जिनके आधार पर अभ्यर्थी विभिन्न जिलों में नौकरी कर रहे हैं। फर्जी डिग्रियों की सूची सीडी के जरिए एडी बेसिक आजमगढ़ को भी भेजी है।
इस पर प्रभारी बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 2004 के बाद जिले में नियुक्त किए गए शिक्षकों से बीएड की प्रमाणित प्रमाण-पत्र एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इसके बाद एडी बेसिक की ओर से सभी प्रमाण-पत्रों की जांच और शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची से मिलान कराया जाएगा।
मामले में एडी बेसिक योगेंद्र कुमार ने कहा शासन की ओर से जारी सूची के अनुसार सभी बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।