जौनपुर: पत्नी से विवाद के बाद अधिवक्ता ने फंदा लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में बताई बड़ी वजह
खेतासराय के अब्बोपुर गांव निवासी संतोष कुमार बिंद दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता थे। पत्नी नीरा निषाद से वर्ष 2016 में शादी हुई थी। पत्नी प्राथमिक विद्यालय बरंगी में सहायक अध्यापक है। सुसाइड नोट में पत्नी के दो भाइयों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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जौनपुर में शुक्रवार को एक युवा अधिवक्ता ने पत्नी से विवाद के चलते कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट और मोबाइल मिला। सुसाइड नोट में उसने पत्नी के दोनों भाइयों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
खेतासराय के अब्बोपुर गांव के संतोष कुमार बिंद (30) दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता थे। पत्नी नीरा निषाद से उनकी शादी 2016 में हुई थी। पत्नी प्राथमिक विद्यालय बरंगी में सहायक अध्यापक है। दंपती को कोई संतान नहीं है। दोनों में इन दिनों काफी विवाद चल रहा था।
मां शीतला देवी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह संतोष बाहर से टहलकर वापस लौटे। इस बीच वह अपने मोबाइल पर लगातार बात कर रहे थे। बात करते ही वह घर की दूसरी मंजिल स्थित अपने कमरे में चले गए। जिसके बाद वह चाय लेकर कमरे पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने पर कमरा नहीं खुला तो बगल में एक मोबाइल टावर पर रहने वाले कर्मचारी को बुलाया। दरवाजा तोड़ा गया तो संतोष का शव साड़ी के फंदे से लटकता मिला। इसके बाद वहां भीड़ जुट गई। लोगों ने शव को नीचे उतारा तथा पुलिस को सूचना दी।
पुलिस को शव के पास एक सुसाइड नोट और मोबाइल मिला। सुसाइड नोट में संतोष ने दोनों सालों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव ने बताया कि पति-पत्नी के विवाद में युवक ने फंदा लगा लिया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। सुसाइड नोट और मोबाइल को कब्जे में लिया गया है, जिसके आधार पर जांच की जा रही है।
एक दिन पहले पत्नी चली गई थी मायके
मां शीतला देवी ने बताया बृहस्पतिवार को संतोष कुमार बिंद के साले और ससुर घर आए थे। पति-पत्नी के विवाद को लेकर उनके साले से काफी गरमागरमी हुई थी। बात इतनी बढ़ गई थी कि संतोष के ससुर अपनी बेटी नीरा को अपने साथ लेकर मायके चले गए। उधर, सुसाइड नोट में संतोष ने लिखा है कि नीरा की नौकरी और सैलरी लगने तक परिवार में सब कुछ ठीक था। सैलरी लगने के बाद नीरा के भाई उसका पैसा लेने के लिए उसे मेरे खिलाफ भड़काने लगे। जिससे घर में हमेशा झगड़ा होने लगा था। अब मैं रोज-रोज की कलह से टूट गया हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार मेरे दोनों साले हैं।