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बनारसः परीक्षा पास होने के बाद अब दाखिले का संकट, 18 हजार सीटें और 55 हजार परीक्षार्थी

Mon, 30 Apr 2018 02:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 30 Apr 2018 02:31 PM IST
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Admission crisis after passing examination at varanasi
यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब परीक्षार्थियों के सामने दाखिले का संकट है। बनारस में सबसे ज्यादा संकट इंटरमीडिएट पास करने वालों के सामने है। इंटरमीडिएट पास करने वालों की फौज है और बीएचयू, काशी विद्यापीठ सहित शहर के अन्य कालेजों में सीटों की संख्या सीमित है।
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अच्छे नंबरों से पास होने के बावजूद उनके बीच दाखिले के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। मेडिकल, इंजीनियरिंग छोड़ दिया जाए तो दूसरे पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विश्वविद्यालयों व कालेजों में सीटें कम हैं और विद्यार्थियों की संख्या कई गुना ज्यादा।
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यूपी बोर्ड में करीब चालीस हजार विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। सीबीएसई और आईएससी में भी इंटर पास करने वाले की संख्या करीब 16 हजार है।
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इंजीनियरिंग और मेडिकल छोड़ दें तो वहीं शहर के विश्वविद्यालयों, कालेजों में करीब 18 हजार सीटें हैं और परीक्षा पास करने वालों की संख्या 55 हजार। बीएचयू में स्नातक स्तर की करीब साढ़े पांच हजार सीटें हैं।

वहीं काशी विद्यापीठ में 3750, यूपी कॉलेज में 1275, सुधाकर पीजी कालेज में 1080, अग्रसेन कन्या पीजी कालेज में 2100, जगतपुर पीजी काजेल में 1620 और हरिश्चंद्र पीजी कालेज में 1880 सीटें हैं। 

नकल पर नकेल से हुआ फायदा 

Admission crisis after passing examination at varanasi
ये नकल पर नकेल का ही असर था कि कई जिलों में पास फेल के आंकड़े का सच सामने आ गया है। बीते साल तक मऊ, बलिया, आजमगढ़ जैसे जिले जहां सूबे में अव्वल थे, वहीं इस साल इनका ग्राफ काफी नीचे आ गया।

इन सबके बीच वाराणसी को इसका फायदा हुआ है। बीते साल के लिहाज से इस बार बनारस के ग्राफ में बहुत सुधार हुआ है। बीते साल इंटरमीडिएट में जहां बनारस का पासिंग प्रतिशत 77.43 था, वहीं इस बार का पासिंग प्रतिशत 81.61 रहा।

हाईस्कूल में वाराणसी बीते पास सूबे में 79.13 पासिंग प्रतिशत से 45वें स्थान पर था, वहीं इस साल पासिंग प्रतिशत में भले 79.13 रहा लेकिन 45वें स्थान से 21वें पर अपनी जगह बनाई।

नकल पर कड़ाई का असर ये भी रहा कि बनारस में करीब नौ हजार से परीक्षा छोड़ दी। इंटरमीडिएट में जहां 52,475 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, वहीं परीक्षा में 48788 ही शामिल हुए। 3,687 ने परीक्षा छोड़ दी।

वहीं हाईस्कूल में 60,749 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 55472 ने परीक्षा दी। 5277 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। इसमें भी परीक्षा छोड़ने वालों में छात्र अधिक रहे। इंटरमीडिएट में 2580 छात्रों ने परीक्षा छोड़ी, वहीं छात्राओं की संख्या 1107 रही। हाईस्कूल में 3264 छात्रों और 2013 छात्राओं ने परीक्षा छोड़ी। 
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