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अधिमास खत्म, कल से शुरू हो जाएंगे शुभ कार्य, इतने तारीख से गूंजेंगी शहनाइयां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 14 Jun 2018 05:04 PM IST
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adhik mass
- फोटो : अमर उजाला
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कालखंड के संवत्सरीय गणना सिद्धांत के अनुसार तिथियों की घट बढ़ से पैदा वार्षिक असंतुलन के संयोजन की दृष्टि से हर तीन वर्ष बाद पड़ने वाले अधिमास का बुधवार को समापन हो गया। अधिमास के समापन के साथ ही शुभ कार्य शुक्रवार से आरंभ हो जाएंगे। हालांकि विवाह मुहूर्त के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। आगे की स्लाइड्स में जानिए..
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अधिमास के आखिरी दिन काशी के प्रसिद्ध पंचक्रोशी तीर्थ मार्ग पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ नजर आया। वहीं, काशी विश्वनाथ मंदिर, पुरुषोत्तम भगवान मंदिर समेत शहर के प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए कतार लगी रही। बुधवार की सुबह से ही पंचक्रोशी मार्ग पर जयघोष के बीच परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं का कारवां अपनी मंजिल की तरफ अपनी धुन में बढ़ा।
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मणिकर्णिका घाट पर संकल्प लेकर परिक्रमा पर निकले इन श्रद्धालुओं ने कंदवा, भीमचंडी, रामेश्वर, पांचो पांडव और कपिलधारा पर सविधि दर्शन-पूजन किया। बांसफाटक स्थित पुरुषोत्तम भगवान के मंदिर में मालपुआ का प्रसाद चढ़ाने के साथ ही तीर्थयात्रियों ने काशी विश्वनाथ से अपनी अरज-गरज लगाई और यात्रा का समापन कर घरों की ओर प्रस्थान किए।
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ज्योतिष के जानकार पं. गणेश मिश्रा ने बताया कि अधिमास के समापन के साथ ही शुभ कार्य शुक्रवार से आरंभ हो जाएंगे। 19 जून से विवाह मुहूर्त भी शुरू हो जाएंगे। अधिमास हर तीन साल बाद पड़ता है। इन तीन वर्षों में प्रति वर्ष 11 दिन का अंतर पड़ता है।
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कुल 33 दिनों के इस अंतर को समायोजित करने के लिए ही अधिक मास का विधान किया गया है। इसमें शुभ कार्यों का जो निषेध किया गया है उसका तात्पर्य अपवित्रता से न हो कर सूर्य संक्रांति की अनुपस्थिति को लेकर है।