Varanasi News: दो घंटे तक महिला अधिवक्ता को हिरासत में रखने का आरोप, हंगामा; SDM ने लगाया गंभीर आरोप
Varanasi News: महिला अधिवक्ता ने कहा कि वह एसडीएम कोर्ट में एक केस के फाइल के बारे में पूछताछ करने गई थी। वहीं एसडीएम ने कहा कि वह मुझे लिफाफा देने की कोशिश कर रही थी।
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सदर तहसील में एक महिला अधिवक्ता को दो घंटे तक एसडीएम द्वारा हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं ने जबरदस्त नारेबाजी और हंगामा किया। सूचना पाकर सेंट्रल और बनारस एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ ही यूपी बार काउंसिल के सदस्य भी सदर तहसील पहुंचे।
एडीएम सिटी की मौजूदगी में एसडीएम सदर के कार्यालय में अधिवक्ताओं की हंगामेदार बैठक हुई। बैठक के बाद तहसील बार एसोसिएशन, सदर के अध्यक्ष ने बताया कि आपसी सहमति से मामले का निस्तारण कर लिया गया है। किसी पक्ष को अब किसी से कोई शिकायत नहीं है।
सेंट्रल बार एसोसिएशन की पूर्व उपाध्यक्ष 65 वर्षीय अधिवक्ता के अनुसार एक मामले की अपील एसडीएम सदर की कोर्ट में उन्होंने की है। उनके मुवक्किल ने पूछा कि अपील पर आदेश कब आएगा। इस पर वह एसडीएम सदर सार्थक अग्रवाल के चैंबर में गई थीं। एसडीएम सदर ने उनसे फाइल के बारे में पूछा।
अन्य अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए
साथ ही, नाराजगी जताते हुए पेशकार से बोले कि फाइल लाओ, इनकी अपील खारिज कर देंगे। फिर उन्होंने कहा कि आप हमारे यहां कैसे आ गईं। हम आपको हिरासत में ले रहे हैं। इसके बाद उन्होंने हमें टॉयलेट तक नहीं जाने दिया और बैठाए रखा। अधिवक्ता ने बताया कि खुद को हिरासत में लिए जाने की जानकारी उन्होंने अपने साथियों को दी।
सूचना पाकर बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश सिंह व महामंत्री कमलेश सिंह यादव, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुरलीधर सिंह व महामंत्री सुरेंद्र नाथ पांडेय, यूपी बार काउंसिल के सदस्य हरिशंकर सिंह और तहसील बार एसोसिएशन सदर के अध्यक्ष रवींद्र कुमार यादव के साथ ही कई अन्य अधिवक्ता मौके पर पहुंचे।
अधिवक्ताओं के हंगामे की सूचना पाकर शिवपुर और कैंट थाने की फोर्स के साथ एसीपी कैंट विदुष सक्सेना और एडीएम सिटी आलोक वर्मा भी सदर तहसील पहुंचे। अधिवक्ताओं और अफसरों के साथ हुई बैठक में एसडीएम सदर ने कहा कि महिला अधिवक्ता उन्हें लिफाफा पकड़ाने का प्रयास कर रही थीं। इसलिए उन्हें कमरे से बाहर कर दिया गया था। किसी को हिरासत में नहीं लिया गया था। एडीएम सिटी ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले का पटाक्षेप हुआ।
फोटो जर्नलिस्ट को पीटा
हंगामे के दौरान फोटो खींचने पर अधिवक्ताओं के एक गुट ने एक दैनिक समाचार पत्र (अमर उजाला नहीं) के फोटो जर्नलिस्ट की जमकर पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद अधिवक्ताओं की भीड़ के बीच से फोटो जर्नलिस्ट को बाहर निकाला। वहीं, एक संवाददाता का मोबाइल अधिवक्ताओं ने छीन लिया था। फोटो न खींचने की शर्त पर अधिवक्ताओं ने मोबाइल लौटा दिया।