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चार वैज्ञानिकों को मिला लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड
Varanasi
Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दक्ष उत्पादन प्रणाली विषयक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन चार वैज्ञानिकों को बेहतर कार्य के लिए लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वैज्ञानिकाें ने भारत में उत्पादन प्रणाली को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।
सेमिनार में जिन वैज्ञानिकाें को अवार्ड दिया गया, उसमें आकलैंड विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रो. सुब्रमण्यम गणेशन, राइट स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के कालेज आफ इंजीनियरिंग के डीन सुंदरम नारायण, लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के प्रो. एसएस आयंगर और एबीईएस इंजीनियरिंग कालेज गाजियाबाद के अधिशासी सचिव नीरज गोयल शामिल हैं। इन्हें यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय एजाईल मैन्यूफैक्चरिंग सोसाइटी की ओर से दिया गया। कार्यक्रम में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि देश में उत्पादन क्षेत्र की कार्य संस्कृति में सुधार लाना होगा। उन्हाेंने कहा कि जापान, कोरिया आदि देश में उत्पादन की कार्य शैली काफी अच्छी है। प्रो. सुब्रमण्यम गणेशन ने उत्पादन क्षेत्र में सेंसर टेक्नोलाजी के प्रयोग के माध्यम से कार्य प्रणाली पर जोर दिया। बंगलूरू के अरिजीत सरबंगा ने द्रुतगति से साफ्टवेयर बनाने की कार्यप्रणाली पर विशेष बल देने को कहा। सोमवार को तकनीकी सत्र में 63 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
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सेमिनार में जिन वैज्ञानिकाें को अवार्ड दिया गया, उसमें आकलैंड विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रो. सुब्रमण्यम गणेशन, राइट स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के कालेज आफ इंजीनियरिंग के डीन सुंदरम नारायण, लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के प्रो. एसएस आयंगर और एबीईएस इंजीनियरिंग कालेज गाजियाबाद के अधिशासी सचिव नीरज गोयल शामिल हैं। इन्हें यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय एजाईल मैन्यूफैक्चरिंग सोसाइटी की ओर से दिया गया। कार्यक्रम में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि देश में उत्पादन क्षेत्र की कार्य संस्कृति में सुधार लाना होगा। उन्हाेंने कहा कि जापान, कोरिया आदि देश में उत्पादन की कार्य शैली काफी अच्छी है। प्रो. सुब्रमण्यम गणेशन ने उत्पादन क्षेत्र में सेंसर टेक्नोलाजी के प्रयोग के माध्यम से कार्य प्रणाली पर जोर दिया। बंगलूरू के अरिजीत सरबंगा ने द्रुतगति से साफ्टवेयर बनाने की कार्यप्रणाली पर विशेष बल देने को कहा। सोमवार को तकनीकी सत्र में 63 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
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