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इमामे जुमा जमात मौलाना अहमद हसन का इंतकाल
Varanasi
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। शिया समुदाय के इमामे जुमा जमात मौलाना सैयद अहमद हसन का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को सुबह इंतकाल हो गया। वह 70 वर्ष के थे और अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से शिया समुदाय के साथ ही अन्य लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। मुकीमगंज स्थित इमानिया कालेज परिसर स्थित आवास पर पहुंचकर लोगों ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।
जव्वादिया कालेज प्रह्लाद घाट के अध्यक्ष और इमानिया कालेज मुकीमगंज के प्रधानाचार्य सैयद मौलाना अहमद हसन ने पूर्वाह्न 10:30 बजे आखिरी सांस ली। वह 40 साल से इमामे जुमा जमात की हैसियत रखते थे। अरबी और फारसी में उन्हें महारत हासिल थी। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने बताया कि मौलाना की शवयात्रा शनिवार को सुबह इमानिया कालेज से शुरू होगी, जो तेलियानाला और कज्जाकपुरा होते हुए सदर इमामबाड़ा सरैया पहुंचेगी। वहां जनाजे की नमाज अदा करने के बाद उन्हें सुपुर्दे खाक किया जाएगा। यहां शहर भर की अंजुमनें अपने परचम के साथ मौजूद रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। उन्होंने बताया कि मौलाना के चचेरे भाई मौलाना जफर हुसैनी इस समय कनाडा में हैं, जबकि उनके बड़े बेटे मौलाना मोहम्मद अकील हुसैनी हैदराबाद में अशरे की मजलिस पढ़ने गए थे। सूचना मिलने पर वह हैदराबाद से रवाना हो गए हैं।
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जव्वादिया कालेज प्रह्लाद घाट के अध्यक्ष और इमानिया कालेज मुकीमगंज के प्रधानाचार्य सैयद मौलाना अहमद हसन ने पूर्वाह्न 10:30 बजे आखिरी सांस ली। वह 40 साल से इमामे जुमा जमात की हैसियत रखते थे। अरबी और फारसी में उन्हें महारत हासिल थी। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने बताया कि मौलाना की शवयात्रा शनिवार को सुबह इमानिया कालेज से शुरू होगी, जो तेलियानाला और कज्जाकपुरा होते हुए सदर इमामबाड़ा सरैया पहुंचेगी। वहां जनाजे की नमाज अदा करने के बाद उन्हें सुपुर्दे खाक किया जाएगा। यहां शहर भर की अंजुमनें अपने परचम के साथ मौजूद रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। उन्होंने बताया कि मौलाना के चचेरे भाई मौलाना जफर हुसैनी इस समय कनाडा में हैं, जबकि उनके बड़े बेटे मौलाना मोहम्मद अकील हुसैनी हैदराबाद में अशरे की मजलिस पढ़ने गए थे। सूचना मिलने पर वह हैदराबाद से रवाना हो गए हैं।
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