{"_id":"62697","slug":"Varanasi-62697-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर अगले साल के लिए टल गई शादी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर अगले साल के लिए टल गई शादी
Varanasi
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। बारात आई ही थी कि घराती और बाराती में न जाने क्या विवाद हुआ कि शादी अगले साल के लिए टाल दी गई। जी हां, ऐसा ही होता है हर साल, सालार मसऊद गाजी मियां के मेले में। उनकी शादी किसी न किसी विवाद के चलते परंपरागत रूप से हर साल टल जाती है।
रविवार को गाजी मियां के मेले की शुरुआत सालारपुरा में हुई। हालांकि एक दिन पहले ही यहां चहल पहल बढ़ गई थी लेकिन मुख्य मेला आज था। सुबह से ही आसपास के साथ ही पूर्वांचल भर से अकीदतमंदों का रेला सालारपुरा में टूट पड़ा था। बुजुर्ग बच्चे और महिलाएं मेले का लुत्फ लेते रहे। खासकर धोबी समुदाय की संख्या अधिक रही। उन्होंने मन्नत के दौरान मुर्गे की बलि दी और मलीदे का प्रसाद गाजी मियां को चढ़ाया। क्षेत्र में सैकड़ों अस्थायी लगी दुकानों में भीड़ रही। बच्चों ने चरखी और झूले का जमकर आनंद लिया। मध्य रात्रि में जैनपुरा स्थित अलीमुल्ला के आवास से गाजी मिया की बारात निकली, जो छोहरा, जैतपुरा, कमालपुरा और जमालुद्दीनपुरा होते हुए सालारपुर स्थित गाजी मियां के आस्ताने पर पहुंची। इस दौरान लाखों की भीड़ गाजी मियां की शादी की साक्षी बनने को बेताब रही। बाराती आस्ताने में पहुंचे ही थे कि घराती और बाराती में किसी बात को लेकर तकरार हो गई। फिर क्या था। शादी अगले साल के लिए टाल दी गई।
मेला क्षेत्र में सुल्तान क्लब समेत कई क्लबों ने सामाजिक कार्य के लिए मंच लगाए थे। जहां भूले भटके बच्चों को उनके परिजनो से मिलाने के साथ ही बीमार लोगों का मुफ्त में दवाएं भी दी गईं।
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इस बार नहीं आई आंधी पानी
वाराणसी। मान्यता है कि गाजी मियां की शादी के दिन अंधी-पानी जरूर आता है। लेकिन इस बार लोगों को चुभती धूप और गर्मी का एहसास हुआ। रह-रह कर लोग आसमान की ओर निगाह मारते रहे कि परंपरानुसार तेज हवाएं, बूंदे आदि पड़ें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोग कुदरत के इस तरह मुंह मोड़ लेने से चकित रहे।
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सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
वाराणसी। मेला क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पर्याप्त संख्या में फोर्स की तैनाती की गई थी। समय-समय पर एसपी सिटी और सीओ चेतगंज चक्रमण कर स्थित पर निगाह रखे थे। एसीएम भी बराबर क्षेत्र का दौरा करते रहे।
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रविवार को गाजी मियां के मेले की शुरुआत सालारपुरा में हुई। हालांकि एक दिन पहले ही यहां चहल पहल बढ़ गई थी लेकिन मुख्य मेला आज था। सुबह से ही आसपास के साथ ही पूर्वांचल भर से अकीदतमंदों का रेला सालारपुरा में टूट पड़ा था। बुजुर्ग बच्चे और महिलाएं मेले का लुत्फ लेते रहे। खासकर धोबी समुदाय की संख्या अधिक रही। उन्होंने मन्नत के दौरान मुर्गे की बलि दी और मलीदे का प्रसाद गाजी मियां को चढ़ाया। क्षेत्र में सैकड़ों अस्थायी लगी दुकानों में भीड़ रही। बच्चों ने चरखी और झूले का जमकर आनंद लिया। मध्य रात्रि में जैनपुरा स्थित अलीमुल्ला के आवास से गाजी मिया की बारात निकली, जो छोहरा, जैतपुरा, कमालपुरा और जमालुद्दीनपुरा होते हुए सालारपुर स्थित गाजी मियां के आस्ताने पर पहुंची। इस दौरान लाखों की भीड़ गाजी मियां की शादी की साक्षी बनने को बेताब रही। बाराती आस्ताने में पहुंचे ही थे कि घराती और बाराती में किसी बात को लेकर तकरार हो गई। फिर क्या था। शादी अगले साल के लिए टाल दी गई।
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मेला क्षेत्र में सुल्तान क्लब समेत कई क्लबों ने सामाजिक कार्य के लिए मंच लगाए थे। जहां भूले भटके बच्चों को उनके परिजनो से मिलाने के साथ ही बीमार लोगों का मुफ्त में दवाएं भी दी गईं।
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इस बार नहीं आई आंधी पानी
वाराणसी। मान्यता है कि गाजी मियां की शादी के दिन अंधी-पानी जरूर आता है। लेकिन इस बार लोगों को चुभती धूप और गर्मी का एहसास हुआ। रह-रह कर लोग आसमान की ओर निगाह मारते रहे कि परंपरानुसार तेज हवाएं, बूंदे आदि पड़ें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोग कुदरत के इस तरह मुंह मोड़ लेने से चकित रहे।
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सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
वाराणसी। मेला क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पर्याप्त संख्या में फोर्स की तैनाती की गई थी। समय-समय पर एसपी सिटी और सीओ चेतगंज चक्रमण कर स्थित पर निगाह रखे थे। एसीएम भी बराबर क्षेत्र का दौरा करते रहे।