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सार्वजनिक वितरण प्रणाली और एमडीएम के खाद्यान्न की कालाबाजारी का खुलासा

Varanasi Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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पिंडरा। पूर्वांचल में खाद्यान्न घोटाला की सीबीआई जांच द्वारा किए जाने के बाद भी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न की कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी है। गुरुवार को फूलपर थाना क्षेत्र के बरजी गांव में एक एयरपोर्ट कर्मी के घर पुलिस ने छापा मारकर 350 बोरी सरकारी खाद्यान बरामद किया। मौके से मकान मालिक सहित पांच लोग गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपी लाल बहादुर उर्फ डब्लू निवासी दबेथुआ थाना फूलपुर ने पुलिस के सामन स्वीकार किया है कि वह सीधे सरकारी गोदामों और कोटेदारों से सस्ती दर पर खाद्यान्न खरीदता रहा है।
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थानाध्यक्ष फूलपुर रामस्वरूप वर्मा को गुरुवार को मिली सूचना के आधार पर चौकी इंचार्ज कठिरांव जेपी द्विवेदी ने मयफोर्स बरजी गांव में एयरपोर्ट कर्मी अमरनाथ सरोज के मकान में छापा मारा। मौके से मकान मालिक के साथ ही लाल बहादुर उर्फ डब्लू, गोरखनाथ निवासी दबेथुआ, रामनरेश गौतम निवासी रामपुर और शशिकांत निवासी रामपुर थाना फूलपुर गिरफ्तार किए गए। साथ ही बीपीएल, अंत्योदय के साथ ही स्कूलों के मिड डे मील का 350 बोरी खाद्यान्न बरामद हुआ। इसमें 80 बोरी चावल और 270 बोरी गेहूं शामिल है। इस खाद्यान्न सरकारी बोरी से निकाल कर दूसरे बोरे में भरा जा रहा था। खाद्यान्न को बीकापुर के कोटेदार राजदेव के पास जमा कराया गया है।

एसपीआरए एपी सिंह ने मीडिया को बताया कि आरोपी लालबहादुर से हुई पूछताछ में राशन माफिया के नेटवर्क की जानकारी मिली है। करीब एक दर्जन कोटेदारों के साथ ही गोदाम प्रभारी इस खेल में शामिल हैं। आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय अफसरों की मिलीभगत भी नजर आ रही है। इन सबके यहां छापेमारी की जाएगी। वहीं आपूर्ति विभाग के एआरओ संजय पांडे ने बताया कि बरजी गांव के दोनों कोटेदारों का स्टाक जांच में ठीक मिला। गिरफ्तार आरोपियों में कोटेदार शशिकांत जायसवार के स्टाक को चेक किया गया जहां पर दस बोरी गेहूं और तीन बोरी चावल स्टाक में कम मिला। आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। शुक्रवार से पिंडरा तहसील के सभी कोटेदारों का स्टाक सत्यापन होगा।

निजी वाहनों से राशन ढुलाई पर रोक
सेवापुरी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गोदामों से प्रति माह डेढ़ हजार कुंतल खाद्यान्न की कालाबाजारी की पोल खुलने और विभाग द्वारा चौकसी बरतने के बाद राशन माफियाओं ने अब कालाबाजारी का नया तरीका निकाल लिया है। क्षेत्र के राशन माफिया खाद्यान्न ढुलाई के दौरान बीच रास्ते से माल पार करने लगे थे। इसकी भनक लगते ही विभाग ने निजी वाहनों से कोटेदारों द्वारा राशन ढुलाई पर रोक लगा दी है। सप्लाई इंस्पेक्टर आरजे यादव के मुताबिक रोक लगाने का प्रमुख कारण बीच रास्ते से खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकना है।

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