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अब मॉडल स्कूल में पढेंगे गांव के बच्चे

Wed, 03 Dec 2014 05:30 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Wed, 03 Dec 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं का भी निजी स्कूलों की तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्कूल में पढ़ने का सपना जल्द ही साकार होगा। मॉडल स्कूल योजना के तहत जक्खिनी में लगभग बनकर तैयार दो मंजिले मॉडल स्कूल में सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होगी। नया सत्र एक अप्रैल 2015 से शुरू होगा। खास बात यह है कि यहां हिंदी माध्यम में पढ़ाई होगी लेकिन पाठ्यक्रम सीबीएसई और एनसीईआरटी का होगा। इसकी मानीटरिंग केंद्रीय विद्यालय संगठन की तर्ज पर राज्य विद्यालय संगठन करेगा। व्यवस्था के तहत विद्यालय में कक्षा छह से नौंवी तक के विद्याथियों का दाखिला लिया जाएगा।
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केंद्र सरकार की ओर ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से मॉडल स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया था। वर्ष 2010-11 में प्रदेश में 148 और 2012-13 में 45 मॉडल स्कूल (कुल 193) खोलने की अनुमति केंद्र से प्रदेश सरकार को मिली थी। इसी के तहत जिले में पांच मॉडल स्कूल खोले जाने थे। इनमें पिंडरा, चिरईगांव, हरहुआ, संवापुरी में जमीन की कमी के चलते विद्यालय नहीं खुल सका। वहीं, आराजीलाइन ब्लाक के जक्खिनी में मॉडल स्कूल पांच एकड़ जमीन में 3.2 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो चुका है। विद्यालय में पहले सत्र में कक्षा छह से नौ तक की पढ़ाई शुरू होगी। इसके बाद अगले सत्र में नौंवी में उत्तीर्ण छात्र कक्षा दस तक इसके बाद ग्यारहवीं और बारहवीं में प्रवेश ले सकेंगे। विद्यालय में आराजीलाइन ब्लाक के विद्यार्थियों को दाखिले में प्राथमिकता दी जाएगी।
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ये होंगी सुविधाएं
आधुनिक पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर कक्ष, कामन रूम आदि।
शिक्षक:- पहले साल एक प्रधानाचार्य, आठ शिक्षक नियुक्त होंगे। ये सभी स्थायी तौर पर नियुक्त किये जाएंगे।
कक्षाएं- सभी कक्षाओं में एक-एक सेक्सन होगा। कक्षा छह से आठ तक हरेक सेक्सन में 35 विद्यार्थी पढेंगे। आगे की कक्षाओं में प्रति सेक्सन अधिकतम 40 छात्र-छात्राएं होंगे।
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कोट
‘विद्यालय लगभग बनकर तैयार हो चुका है। कुछ काम बाकी है उसे सत्र शुरू होने से पहले पूरा करा लिया जाएगा। सीबीएसई बोर्ड से स्कूल संबद्ध होगा। इससे ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिलेगा।
आनंद शंकर मिश्रा, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी।
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